हिमाचल में तीन नए नगर निगम और छह नगर पंचायत बनाने को कैबिनेट ने दी मंजूरी, जनवरी में होंगे चुनाव
हिमाचल कैबिनेट ने मंगलवार को मंडी, सोलन और पालमपुर नगर परिषदों को नगर निगम बनाने का फैसला लिया। इसके अलावा कंडाघाट, अंब, आनी, निरमंड, नेरवा और चिड़गांव को नगर पंचायत बनाने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। हालांकि इन सबकी अधिसूचना होनी बाकी है। कुल्लू और शिमला जिले से 2-2, सोलन और ऊना जिले से 1-1 नगर पंचायत बनी है। पंचायत चुनाव के साथ ही नए नगर निगमों और नगर पंचायतों के चुनाव जनवरी 2021 में होंगे। वहीं चुनाव खर्च कम करने को धर्मशाला नगर निगम के चुनाव भी साथ होंगे, जबकि शिमला नगर निगम के चुनाव वर्ष 2022 में होंगे।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि नए नगर निकायों में शामिल क्षेत्रों के लोगों को तीन साल तक कोई भी सामान्य कर नहीं देना होगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में कुछ शहरी स्थानीय निकायों के पुनर्गठन को भी स्वीकृति दी, जिनमें कुछ क्षेत्रों को शामिल किया है, जबकि कुछ बाहर निकालकर जिला मंडी की करसोग, नेरचौक और जिला कांगड़ा में नगर पंचायत जवाली में शामिल किया है।
8 नवंबर से शुरू होंगे जनमंच
सूबे में 8 नवंबर से जनमंच कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। प्रदेश सरकार इसके लिए एसओपी तैयार करेगी। पहले जिला या फिर विधानसभा क्षेत्र में जनमंच कार्यक्रम होते थे, अब गांव में इस कार्यक्रम को किया जाएगा। जनमंच में लोगों की कम भीड़ जुटे, इसके चलते ज्यादा से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। हिमाचल में 23 मार्च, 2020 को लॉकडाउन लगा था। इससे पहले विधानसभा बजट सत्र था। ऐसे में हिमाचल में जनमंच कार्यक्रम नहीं हो पाए थे। सरकार का मानना है कि लोगों को अपनी समस्याओं के लिए सचिवालय या फिर विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जनमंच में मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान हो जाता था। ऐसे में सरकार ने फिर से जनमंच कार्यक्रम शुरू करने का फैसला लिया है।
25 मेगावॉट तक की 221 बिजली परियोजनाओं के दोबारा होंगे एग्रीमेंट
हिमाचल में बीते लंबे समय से अधर में लटकी 25 मेगावॉट तक की 221 बिजली परियोजनाओं के एग्रीमेंट दोबारा होंगे। मंत्रिमंडल की बैठक में जांच और स्वीकृति के चरण में आने वाली उन परियोजनाओं की जीरो डेट को पुनर्भाषित करते हुए एकमुश्त छूट देने का फैसला लिया गया है, जिन परियोजनाओं के कार्यान्वयन समझौतों पर पहले ही हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
इसके साथ निर्माण के स्तर पर जो परियोजनाएं हैं, उनके लिए निर्धारित व्यावसायिक संचालन तिथि को भी पुनर्भाषित किया जाएगा। इस निर्णय से 1060 मेगावाट क्षमता की 221 विद्युत परियोजनाएं लाभान्वित होंगी। बैठक में बहुउद्देश्यीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा व गैर पारंपरिक ऊर्जा एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभागों के मार्च 2021 तक छह महीनों के लक्ष्य और अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक एक वर्ष के लक्ष्यों के बारे में प्रस्तुति दी गई। मंत्रिमंडल ने निर्देश दिए कि वांछित लक्ष्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों।