हिमाचल उपचुनाव: चुनाव प्रचार का शोर थमा, अब डोर टू डोर जाएंगे प्रत्याशी
प्रचार के अंतिम दिन सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। खास बात यह रही कि मुख्य राजनीतिक दलों के अलावा फतेहपुर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राजन सुशांत और जुब्बल-कोटखाई से निर्दलीय प्रत्याशी चेतन बरागटा ने भी बड़ी जनसभाएं कर शक्ति प्रदर्शन किया।
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हिमाचल प्रदेश में लोकसभा की एक और विधानसभा की तीन सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव के बीच प्रचार बुधवार शाम छह बजे बंद हो गया है। इसी के साथ ही संबंधित विधानसभा व लोकसभा क्षेत्र में मौजूद गैर मतदाता स्टार प्रचारकों और राजनीतिक हस्तियों का बाहर जाना शुरू हो गया है। प्रचार के अंतिम दिन सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। खास बात यह रही कि मुख्य राजनीतिक दलों के अलावा फतेहपुर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राजन सुशांत और जुब्बल-कोटखाई से निर्दलीय प्रत्याशी चेतन बरागटा ने भी बड़ी जनसभाएं कर शक्ति प्रदर्शन किया।
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दोनों ही नेता पूर्व भाजपाई हैं और दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा दो धड़ों में बंटी हुई है। प्रचार थमने के बाद अब मतदान के दिन से पहले तक सभी प्रत्याशी अपने चार समर्थकों के साथ बिना किसी शोर-शराबे के डोर टू डोर संपर्क करेंगे। उधर, साइलेंट प्रचार के 72 घंटों के दौरान मतदाताओं को किसी भी तरह के प्रलोभन या भय के जरिये प्रभावित करने की कोशिशों पर अंकुश लगाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू ने सभी चुनाव वाले जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और रिटर्निंग अधिकारियों के अलावा ऑब्जर्वरों को विशेष निगरानी करने और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार से रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां
चुनाव प्रचार संपन्न होने के साथ ही गुरुवार से दूरदराज के इलाकों में पोलिंग पार्टियां रवाना होना शुरू हो जाएंगी। नजदीकी क्षेत्र वाली पार्टियां एक दिन पहले पहुंचकर चुनावी तैयारियां मुकम्मल कर लेंगी। चुनाव विभाग ने 80 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों, दिव्यांगों और कोविड पॉजिटिव मतदाताओं से घर घर जाकर मतपत्र लेने की कवायद भी शुरू कर दी है। इस कवायद के दौरान सभी जगह मतदान की पूरी प्रक्रिया को वीडियोग्राफी के जरिये रिकॉर्ड किया जा रहा है।
चुनाव आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें अधिकारी: मुख्य सचिव
चुनावी इंतजामों को लेकर बुधवार को मुख्य सचिव रामसुभग सिंह की अध्यक्षता में रिकांगपिओ में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू, किन्नौर विधानसभा क्षेत्र के सामान्य पर्यवेक्षक डॉ. संजय गोयल, जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त अपूर्व देवगन विशेष रूप से मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि भारत चुनाव आयोग के जारी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित बनाएं। रात्रि के समय तैनात विभिन्न दस्तों की पेट्रोलिंग को बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए। चुनाव के दौरान मतदाताओं को दिए जाने वाले विभिन्न प्रलोभनों पर भी कड़ी नजर रखी जाए।
वाहनों की नियमित रूप से जांच की जाए। उन्होंने क्षेत्र में ताजा हिमपात की आशंका पर मैनपॉवर और मशीनरी दोनों को ही तैयार रखने को कहा। डीजीपी संजय कुंडू ने सुरक्षा समीक्षा की। जिला निर्वाचन अधिकारी देवगन ने बताया कि जिले में कुल 57,728 मतदाता मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसके लिए 129 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसमें 3 सहायक मतदान केंद्र भी शामिल हैं। चुनाव प्रक्रिया में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 28 अक्तूबर को सभी मतदान पार्टियां अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगी।
500 एसपीओ मंडी लोकसभा उपचुनाव का करेंगे बहिष्कार
लाहौल स्पीति और पांगी के 500 एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) मंडी लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव का बहिष्कार करेंगे। मांगें पूरी न होने से एसपीओ मुखर हो गए हैं। 18,000 रुपये वेतन की मांग को अभी तक किसी भी सरकार ने पूरा नहीं किया है। दो महीनों से एसपीओ को वेतन तक नहीं मिला है। इसकी वजह से उनकी दशहरा और करवाचौथ की खुशियां अधूरी रह गई हैं। उन्हें बिना वेतन दिवाली की चिंता भी सता रही है।
एसपीओ कल्याण समिति के राज्य अध्यक्ष श्याम ठाकुर ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के साथ लगने वाले बॉर्डर में एसपीओ पूरी ईमानदारी के साथ ड्यूटी दे रहे हैं। लेकिन, उन्हें नियमित रूप से महज सात हजार रुपये वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के अलावा अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव का भी बहिष्कार किया जाएगा।