हिमाचल उपचुनाव: भितरघातियों की बन रहीं सूचियां, नतीजों के बाद होगी कार्रवाई

सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 01 Nov 2021 01:47 AM IST

सार

मंडी संसदीय सीट के अलावा जुब्बल-कोटखाई, अर्की और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव के दौरान भितरघात करने वाले नेताओं की सूची तैयार करने में जुट गए हैं। किसने, किसको, कहां, कितना नुकसान पहुंचाया, इसका चुनावी नतीजे आने से पहले ही हिसाब लगाया जा रहा है।
भाजपा-कांग्रेस
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विस्तार

भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल मंडी संसदीय सीट के अलावा जुब्बल-कोटखाई, अर्की और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव के दौरान भितरघात करने वाले नेताओं की सूची तैयार करने में जुट गए हैं। किसने, किसको, कहां, कितना नुकसान पहुंचाया, इसका चुनावी नतीजे आने से पहले ही हिसाब लगाया जा रहा है। परिणाम आने के बाद दोनों पार्टियों की भितरघातियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। भाजपा तो कम लीड दिलाने वाले मंत्रियों, विधायकों, पिछली बार के विधानसभा प्रत्याशियों, बोर्डों-निगमों के पूर्व अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के  रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रही है।
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वहीं कमजोर प्रदर्शन पर कांग्रेस भी अपने विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ एक्शन ले सकती है। भाजपा और कांग्रेस दोनों के लक्ष्य में अब अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव हैं। चारों सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम आने से पहले ही भाजपा और कांग्रेस ने यह जोड़-घटाव करना शुरू कर दिया है कि कहां पर किसने कितनी मदद की और किस नेता ने कितना भितरघात किया। 2 नवंबर को मतगणना के बाद ही इसके बारे में असल तस्वीर सामने आएगी।


दोनों दलों के प्रमुख नेताओं ने अपने-अपने तंत्रों से खुफिया रिपोर्टें भी लेनी शुरू कर दी हैं। नुकसान पहुंचाने वाले और निष्क्रिय बैठे नेताओं में तो कुछ पूर्व मंत्री, कई पूर्व विधायक और अन्य वरिष्ठ नेता भी शुमार माने जा रहे हैं। विशेषकर मंडी लोकसभा सीट पर दोनों ही दलों के पास ऐसी रिपोर्टें आ चुकी हैं। नतीजों के बाद ऐसे नेताओं पर निष्कासन, निलंबन और अन्य कार्रवाइयां हो सकती हैं। जहां रूठों को मनाने की गुंजाइश हो, उस पर भी काम हो सकता है, जिससे कि 2022 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए एक-दूसरे के खिलाफ आक्रामक रणनीति बनाई जा सके।  

जिन लोगों को प्रदेश भाजपा से छह साल के लिए निकाला गया है, उन्हें वापस नहीं लिया जाएगा। उपचुनाव के नतीजों के बाद पार्टी समीक्षा बैठक करेगी। इसमें हर पहलू पर विचार-विमर्श होगा। जहां नुकसान पहुंचा है, वहां सख्त कार्रवाई होगी। 
- अविनाश राय खन्ना, प्रदेश भाजपा प्रभारी 

कांग्रेस नेताओं की परफॉर्मेंस पर चुनावी नतीजे आने के बाद समीक्षा होगी। पर्यवेक्षकों से रिपोर्ट ली जाएगी कि किसने कहां कैसा काम किया। इस रिपोर्ट को देखने के बाद ही अगली कार्रवाई होगी। 
- कुलदीप सिंह राठौर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

कल आएंगे नतीजे, प्रत्याशियों की धुकधुकी बढ़ी 
चारों सीटों के चुनावी नतीजे 2 नवंबर को आएंगे। इसी के साथ प्रत्याशियों के साथ वरिष्ठ नेताओं की भी धुकधुकी बढ़ गई है। मंडी लोकसभा सीट पर तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और वीरभद्र परिवार के लिए प्रतिष्ठा की जंग है। यह प्रदेश मेेें दोनों ही दलों की सियायत की अगली दिशा और दशा भी तय करेगी। 

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