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Himachal Budget 2025: 25,000 को मिलेगा रोजगार, कर्मचारियों-पेंशनरों को तोहफा, जानिए बजट की बड़ीं घोषणाएं

Mon, 17 Mar 2025 06:24 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 17 Mar 2025 06:24 PM IST
सार

 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया।  बजट में रोजगार, कर्मचारियों, पेंशनरों, महिलाओं, ग्रामीण विकास, कृषि-बागवानी सहित अन्य के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं।

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Himachal Budget 2025:  25,000 posts will be filled, gift to employees and pensioners, know the big announcemen
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किया बजट पेश। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। बताैर वित्त मंत्री सीएम सुक्खू ने 58,514 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। वर्ष 2025-26 में राजस्व प्राप्तियां 42,343 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है तथा कुल राजस्व व्यय 48,733 करोड़ रुपये अनुमानित है। इस प्रकार कुल राजस्व घाटा 6,390 करोड़ रुपये अनुमानित है। राजकोशीय घाटा 10,338 करोड़ रुपये अनुमानित है जोकि प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद का 4.04 प्रतिशत है।

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2025-26 के बजट अनुसार प्रति 100 रुपये व्यय में से वेतन पर 25 रुपये, पेंशन पर 20, ब्याज अदायगी पर 12, ऋण अदायगी पर 10, स्वायत्त संस्थानों के लिए ग्रांट पर 9, जबकि शेष 24 रुपये पूंजीगत कार्यों सहित अन्य गतिविधियों पर खर्च किए जाएंगे। बजट में रोजगार, कर्मचारियों, पेंशनरों, महिलाओं, ग्रामीण विकास, कृषि-बागवानी सहित अन्य के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। सीएम सुक्खू बजट पेश करने के लिए ऑल्टो कार खुद चलाकर विधानसभा पहुंचे। 
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25,000 पद भरे जाएंगे
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट में वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न श्रेणियों के पदों को भरने सहित 25,000 को रोजगार देने का एलान किया। महाविद्यालयों-विद्यालयों में विभिन्न श्रेणियों के कुल 1000 पद भरे जाएंगे। आयुष चिकित्सा अधिकारियों के 200, होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों तीन, सोवा रिग्पा अधिकारियों तीन, यूनानी चिकित्सा अधिकारी दो, आयुर्वेदिक फार्मेसी के 52, लैब तकनीशियन 32, स्टाफ नर्स 33, एएनएम  82, जेओए(आईटी) के 42 पदों को भरा जाएगा। पुलिस विभाग में पुलिस कांस्टेबलों के 1 हजार रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया वित्त वर्ष 2025-2026 में शुरू कर दी जाएगी। पुलिस कांस्टेबल की पदोन्नति से संबंधित परीक्षा लगभग 500 पदों के लिए करवाई जाएगी। गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में होमगार्ड ड्राइवरों के 113 पदों को आगामी वित्त वर्ष में भरे जाएंगे। पंचायत सचिवों के 853 पदों को सीधी भर्ती से व तकनीकी सहायकों के 219 पद भरे जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध करवाने के लिए अतिरिक्त 290 आशा कार्यकर्ताओं का चयन किया जाएगा। जलशक्ति विभाग में 4,500 पैरा कर्मचारियों, जिसमें 2500 बहुउद्देशीय कार्यकर्ता, 1276 पैरा पंप ऑपरेटर, 500 पैरा फिटर, 92 पैरा कुक और 132 पैरा हेल्पर को नियुक्ति दने की स्वीकृति प्रदान की गई है।  
 

पेंशनरों-कर्मचारियों को मिलेगा एरियर 
15 मई से प्रथम चरण में 70 वर्ष से 75 वर्ष के आयु वर्ग के पेंशनरों के बकाया एरियर का भुगतान इस वित्तीय वर्ष में किया जाएगा। चतुर्थ श्रेणी, तृतीय श्रेणी, द्वितीय श्रेणी तथा प्रथम श्रेणी के कर्मचारियों व अधिकारियों को उनके बकाया वेतन एरियर का चरणबद्ध तरीके से भुगतान किया जाएगा। 15 मई से प्रदेश के कर्मचारियों को तीन प्रतिशत की दर से मंहगाई भत्ते की किस्त दी जाएगी। दिहाड़ीदारों को 25 रुपये बढ़ोतरी के साथ 425 रुपये प्रतिदिन दिहाड़ी मिलेगी। आउटसोर्स कर्मियों को अब न्यूनतम 12,750 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। मनरेगा मजदूरी को 20 रुपये बढ़ाकर 320 रुपये किया जाएगा।  2025-2026 के दौरान सामाजिक पेंशन योजनाओं में 37 हजार नए लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा।

पंचायत-नगर निकाय जनप्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाया
जिला परिषद को 25,000 रुपये, उपाध्यक्ष 19,000, सदस्य 8,300, अध्यक्ष पंचायत समिति 12,000, उपाध्यक्ष, पंचायत समिति 9,000, सदस्य पंचायत समिति 7,500, प्रधान ग्राम पंचायत 7,500, उपप्रधान5,100 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा तथा सदस्य ग्राम पंचायत को 1050 रुपये प्रति ग्राम पंचायत बैठक मानदेय मिलेगा। नगर निगम महापौर को 25,000 रुपये, उपमहापौर 19,000, पार्षद 9,400 रुपये, अध्यक्षनगर परिशद 10,800, उपाध्यक्ष 8,900, पार्षद नगर परिषद को 4,500, प्रधाननगर पंचायत 9,000, उपप्रधान नगर पंचायत 7,000 तथा सदस्य को 4,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।

पैरा वर्करों का मानदेय बढ़ेगा
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब 10,500 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 7,300, आंगनबाड़ी सहायिका 5,800 , आशा वर्कर 5,800 , मिड-डे मील वर्कर्स 5,000, जल वाहक (शिक्षा विभाग) को 5,500, जल रक्षक 5,600, जल शक्ति विभाग मल्टी टास्क वर्करों को 5,500 रुपये, पैरा फिटर तथा पंप-ऑपरेटर 6,600 पंचायत चौकीदार 8,500, राजस्व चौकीदार 6,300, राजस्व लंबरदार को 4,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। सिलाई शिक्षकों के मासिक मानदेय में 500, लोक निर्माण विभाग के मल्टी टास्क वर्करों 500 ,एसएमसी अध्यापकों के मासिक मानदेय में 500, आईटी शिक्षक 500 व एसपीओ को 300 रुपये प्रतिमाह बढ़ोतरी की जाएगी। आउटसोर्स कर्मियों को अब 12,750 मासिक मिलेंगे। आने वाले समय में आउटसोर्स भर्तियों को धीरे-धीरे कम करके नई व्यवस्था लाएंगे। 

दूध, गेहूं व मक्की का समर्थन मूल्य बढ़ाया
नाहन, नालागढ़, मौहल, रोहड़ू में 20 हजार एलपीडी क्षमता के 4 नए संयंत्र और ऊना और हमीरपुर में दो मिल्क चिलिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी। गाय के दूध की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को 45 से बढ़ाकर 51 तथा भैंस के दूध को 55 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर किया जाएगा। किसी किसान या सोसाइटी द्वारा दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित सेंटर पर दूध स्वयं ले जाने पर उन्हें 2 रुपये प्रति लीटर की दर से ट्रांसपोर्ट सब्सिडी मिलेगी। प्राकृतिक मक्की का न्यूनतम समर्थन मूल्य 30 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये किया है। प्राकृतिक गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 40 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये किया गया। हमीरपुर में स्पाइस पार्क बनेगा। हल्दी उगाने पर 10 क्विंटल पर सरकार 90 हजार रुपये देगी । ऊना में आलू प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित होगा। पूर्व यूपीए सरकार में नादौन की बड़ा पंचायत में स्पाइस पार्क का शिलान्यास किया गया था। भाजपा सरकार ने केंद्र में सत्ता संभालने के बाद इस स्पाइस पार्क को रद्द कर दिया था। अब राज्य सरकार खुद इस स्पाइस पार्क को बनाएगी। ऊना में सबसे ज्यादा आलू होता है। 100 गांवों में सिंचाई योजनाएं बनेंगी। 

हर बेटी को मिलेंगे 1500-1500 रुपये
इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना में 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 21 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाली हर बेटी को शामिल कर किया जाएगा। महिलाएं जो घरेलू सहायक के रूप में कार्य कर रही हैं, उन्हें भी इस योजना से 1 जून 2025 से लाभान्वित किया जाएगा।  उनकी पात्र बेटियां भी 1500 रुपये प्रति माह मिलने की हकदार होंगी। आने वाले समय में जो भी महिलाएं पंचायत की ओर से अनुमोदित की है, उनको चरणबद्ध तरीके से इस योजना से लाभन्वित किया जाएगा। विधवा बहनों की बेटियां भी इस योजना के अंतर्गत लाभ पाने की पात्र होंगी। इसके अतिरिक्त यदि विधवा बहनों की बेटियां प्रोफेशन कोर्स के लिए पढ़ाई करना चाहे तो सरकार उनकी पूरी फीस और संस्थान द्वारा स्वीकृत होस्टल फीस का व्यय वहन करेगी। यदि वे पीजी में रहना चाहे तो सरकार एक वर्ष में 10 माह के लिए 3000 रुपये प्रति माह प्रदान करेगी। इस योजना के अंतर्गत आगामी वित्त वर्ष के दौरान 200 करोड़ का व्यय किया जाएगा। अंतरजातीय विवाह के लिए मिलने वाले मौद्रिक पुरस्कार को 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जाएगा। 70 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले दिव्यांगजनों के विवाह के लिए विवाह प्रोत्साहन राशि 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख की जाएगी। मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना के तहत नए लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा।

प्राकृतिक खेती से जुड़ेंगे एक लाख नए किसान, ऊना में आलू प्रसंस्करण संयंत्र
सरकार प्रदेश किसानों के हित में सरकार कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना लाएगी। एक लाख नए किसानों को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाने का लक्ष्य है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से उगाई गई हल्दी के लिए 90 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की गई है। कृषि विभाग के सभी सरकारी खेतों को प्राकृतिक खेती के तहत लाया जाएगा। पांच नए मॉडल फार्म विकसित किए जाएंगे। ऊना जिले में आलू प्रसंस्करण संयंत्र को स्थापित करना। खरीफ 2025 से आलू विकास स्टेशन में आलू बीज के उत्पादन की शुरुआत होगी। राज्य में अनाज साइलो की स्थापना होगी। 

डाॅक्टरों का वजीफा बढ़ेगा
जलाशयों से मछली प्राप्त कर रहे मछुआरों और मत्स्य कृषको की रॉयल्टी की दर को घटाकर 7.5 प्रतिशत करना।  प्रदेश के मेडिकल काॅलेज/एआईएमएसएस चमियाना में विद्यार्थियों के लिए वरिष्ठ रेजिडेंट-ट्यूटर विशेषज्ञ को वर्तमान में वजीफे की राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये की जाएगी तथा साथ ही डीएनबी सुपर स्पेशलिस्ट और सीनियर रेजिडेंट सुपर स्पेशलिस्ट के वजीफे की राशि को भी बढ़ाकर एक लाख 30 हजार रुपये की जाएगी। प्रदेश में ऑउटसोर्स पर नियुक्त ऑपरेशन थियेटर सहायक और रेडियोग्राफर का मासिक मानदेय राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये की जाएगी।

ड्रोन टैक्सी सेवाएं उपलब्ध करवाने की योजना
शिमला के मैहली और कांगडा के चैतड़ू में स्थापित किए जा रहे सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क पर कार्य पूरा किया जाएगा। सरकार ड्रोन टैक्सी सेवाएं उपलब्ध करवाने की योजना बनाएगी।  ड्रोन प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से कृषि एवं बागवानी के क्षेत्रों में भी 24 आधुनिकीकरण के दृष्टिगत जिला हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा में ड्रोन स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।  बसाल(बिलासपुर) और बिंद्रावन(पालमपुर) में आवासीय काॅलोनियां तथा रामपुर फेज-3, रजवाड़ी(मंडी) व धर्मपुर(सोलन) में लगभग 82 फ्लैटों और 137 रिहायशी प्लाटों को विकसित कियाजाएगा। हिमुडा द्वारा विकासनगर शिमला में 250 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक विशाल व्यवसायिक परिसर के निर्माण किया जाएगा। बिलासपुर के लूहणू में 100 बिस्तरों वाला खेल छात्रावास, जिला हमीरपुर के खरीड़ी में 50 बिस्तरों वाले खेल छात्रावास, शिमला जिला के कुटासनी में राजीव गांधी बहुद्देषीय स्टेडियम में अत्याधुनिक खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। सोलन में इंडोर स्टेडियम के साथ रिंकांगपिओ, हरोली
और जयसिंहपुर में स्टेडियम का निर्माण होगा। 

 विधायक प्राथमिकता योजनाओं  के लिए सीमा को बढ़ाया
विभागों में पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित 15 प्रतिषत पदों को प्राथमिकता से भर्ती होगी। सैनिक स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को दी जाने वाली डाइट मनी को 10 से बढ़ाकर 50 रुपेये करने की घोषणा भी की गई।  विधायक अपनी प्राथमिकताओं में अपने विधानसभा चुनाव क्षेत्र से डे-बोर्डिंग स्कूलों को भी सम्मिलित कर पाएंगे। विधायक प्राथमिकता योजनाओं के प्रति विधानसभा चुनाव क्षेत्र की वर्तमान सीमा 195 करोड़ रुपये को बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये करने की घोषणा।  नादौन, इंदाैरा, राजगढ़, और कंडाघाट में आठ नए अग्निशमन वाहनों को क्रय करना और पुराने 60 अग्निशमन वाहनों के स्थान पर चरणबद्ध तरीके से नए वाहनों को खरीदा जाएगा।  राजगढ़ और कंडाघाट जिला सोलन में दमकल केंद्र खोला जाएगा।  आपदाओं से निपटने के लिए 3,645 पंचायतों में एक संगठित और सामुदायिक संचालित पंचायत आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र की स्थापना की जाएगी।  एएफडी के माध्यम से लगभग 892 करोड़ रूपये की लागत से आगामी पांच वर्षों के लिए परियोजना चलेगी।

 ब्लॉकों का पुनर्गठन होगा, पंचायतों में खर्च होंगे 452 करोड़
 प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारू बनाने के लिए  ब्लॉकों का पुनर्गठन किया जाएगा। 2025-2026 के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों में विकास कार्य के लिए 452 करोड़ रूपये तथा राज्य वित्त आयोग के तहत 467 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। नगर निगम हमीरपुर, ऊना और बद्दी के लिए प्रत्येक को एक करोड़, नगर परिषद नादौन, बैजनाथ-पपरोला और सुन्नी के लिए 25 लाख प्रत्येक तथा नवगठित 14 नगर पंचायतों के 19.50 लाख प्रत्येक के रूप में विकासात्मक अनुदान प्रदान किया जाएगा। नव गठित शहरी निकायों में शामिल किए गए ग्रामीण क्षेत्रों में तीन वर्षों तक पानी के रेट पहले के समान ही रहेंगे।

परिवहन निगम में अतिरिक्त 500 ई-बसों की खरीद होगी
परिवहन निगम में अतिरिक्त 500 ई-बसों की खरीद व ऑनलाइन पास सुविधा शिमला के अतिरिक्त प्रदेश के अन्य स्थानों में शुरू करने के लिए साॅफ्टवेयर तैयार किया जाएगा। शिमला शहर में 1 हजार 546 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से 14.79 किलो मीटर लंबे रोपवे का निर्माण कार्य  शुरूर कर दिया जाएगा। शिमला शहर में पायलट आधार पर लग्जरी गाड़ियां को चयनित रूटों पर चलाई जाएगी। ऊना जिले के हरोली में पहला स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक स्थापित किया जाएगा।  जलमार्गों में जैटीज आदि का विकास और क्रूज पर्यटन, जल क्रीड़ा गतिविधियों और जल परिवहन सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। 

औद्योगिक क्षेत्र के लिए उच्च स्तरीय बोर्ड का गठन होगा, उद्योगों को मिलेगी बिजली सब्सिडी
बल्क ड्रग पार्क में आगामी वर्ष में कार्य को सुचारू रखने के लिए आवश्यकता अनुसार बजट का प्रावधान किया जाएगा।   प्रदेश की औद्यौगिक नीति में मूलभूत बदलाव किया जाएगा। हरित ऊर्जा, सौर ऊर्जा, दुग्ध उत्पादन व इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे क्षेत्रों में निवेश को आकर्शित करने के लिए निवेशक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सुदृढ़ बनाने के प्रयास होंगे। एक उच्च स्तरीय बोर्ड का गठन किया जाएगा, जो राज्य के औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित सभी पहलुओं पर विचार करेगा और सभी मुद्दों को प्रभावी ढंग से हल करेगा। 66 केवी या उससे अधिक सप्लाई वोल्टेज पर चलने वाले उद्योगों को राहत देने के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट बिजली की खपत पर सब्सिडी दी जाएगी। 
 

मुख्यमंत्री सड़क योजना में 100 करोड़ का बजट, नाबार्ड बनाएगा 50 सड़कें व पुल
345.14 करोड़ की लागत से छह सड़कों एवं पुलों की परियोजनाओं के निर्माण की शुरुआत होगी।  नाबार्ड के तहत 498.62 करोड़ रुपये की 50 सड़कों व पुलों की परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है।  निविदाओं के प्रकाशन की अवधि 14 दिन से घटाकर 7 दिन करना तथा कार्यों को अवार्ड करने का कुल समय 12 दिन करके निष्पादन में तेजी लाना। मुख्यमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा। पीने के पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 14  जीवाणुतत्व संबंधी मापदंडों लिए जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। नेरवा, चौपाल, राजगढ़, शाहपुर और बिलासपुर नगरों के लिए सीवरेज योजनाओं का कार्य 2025-2026 में आरंभ कर दिया जाएगा। कांगड़ा, मंडी, चंबा और किन्नौर जिलों के 14 कस्बों में सीवरेज योजनाओं पर कार्य 2025-2026 में शुरू किया जाएगा।

745 करोड़ से 20,663 घरों तक बेहतर जल आपूर्ति होगी
भुंतर, नाहन, ज्वाली, अर्की, निरमंड, जोगिंद्रनगर, शाहपुर, भटियात और करसोग नगरों में कुल 167 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजनाओं का निर्माण शुरू किया जाएगा। कुल 12 शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति प्रणाली के अंतर्गत पांच क्षेत्रों में कार्य प्रगति पर है तथा शेष क्षेत्रों में जल्द की कार्य  शुरू कर दिया जाएगा। ग्रामीण पेयजल उन्नयन परियोजना के तहत 745 करोड़ की लागत से आठ जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में 20,663 घरों तक बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। हिमाचल प्रदेश ग्रामीण पेयजल उन्नयन एवं आजीविका परियोजना के तहत कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन का शेष 57 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जाएगा। जल आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए 200 करोड़ के प्रावधान के साथ नई मुख्यमंत्री स्वच्छ जल शोधन योजना की शुरुआज होगी।  जिला कांगड़ा के देहरा, ज्वाला जी, जंसवां व प्रागपुर में आगामी वित्त वर्ष के दौरान 43 करोड़ की लागत से पेयजल उपचार संयंत्र लगाया जाएगा।

 एक हजार के करीब रोगी मित्र नियुक्ति होंगे, बुजुर्गों को घरद्वार मिलेगा इलाज
निजी क्षेत्र के सहयोग से 10 नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना की जाएगी। रोगी मित्र योजना के अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में एक हजार के करीब रोगी मित्र नियुक्ति किए जाएंगे । इन्हें 15 हजार मासिक मानदेय प्रदान किया जाएगा। सुगम स्वास्थ्य नाम की नई एप को लॉन्च किया जाएगा।  मुफ्त इन्सुलिन पंप उपलब्ध अब 27 वर्ष तक के लड़के और लड़कियों के लिए उपलब्ध करवाए जाएंगे। गंभीर बीमारियों से ग्रसित लगभग 12 हजार रोगियों के लिए पैलिएटिव केयर सेवाएं उपलब्ध करवाना।  मुख्यमंत्री वृद्धजन देखभाल योजना के तहत स्वास्थ्य और पैरामेडिकल स्टॉफ मोबाइल स्वास्थ्य वैन के माध्यम से 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के लोगों के घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश में एंबुलेंस सेवा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए 25 एडवांस लाइफ सपोर्ट  एंबुलेंस की खरीद की जाएगी। कांगड़ा में 50 बिस्तरों वाले एकीकृत आयुष अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।। आचार्य चरक योजना की शुरुआत की जाएगी, जिसके तहत हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी आयुष अस्पतालों और औषधालयों में मरीजों को निशुल्क जांच और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी। सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों और अध्यापकों की डिजिटल उपस्थिति की जाएगी। 

घुमारवीं में डिजिटल यूनिवर्सिटी, ये स्कूल बनेंगे डे बोर्डिंग
सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गगरेट, अंब, हरोली, बंगाणा, बड़सर, सुजानपुर, धर्मशाला, ज्वाली, इंदाैरा, सरकाघाट, हमीरपुर, भोरंज, बड़ा, नादौन, घुमारवीं, देहरा, जयसिंहपुर, शाहपुर, भटियात, फतेहपुर, पालमपुर, अर्की, सिराज, ढलियारा, शिलाई, रिकांगपिओ (किन्नौर), केलांग, ठियोग, नगरोटा, कुल्लू और जोगिंद्रनगर को राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन के लिए शिक्षा निदेशालयों का पुनर्गठन किया जाएगा। सुजानपुर स्थित सैनिक स्कूल को होस्टल  की मरम्मत के लिए 3 करोड़ दिए जाएंगे।  कांगड़ा में कॉलेज की छात्राओं के लिए 4 होस्टल बनाए जाएंगे। जिला बिलासपुर के घुमारवीं में डिजिटल यूनिवर्सिटी ऑफ इनोवेशन, उद्यमिता, कौशल और व्यावसायिक अध्ययन की स्थापना सार्वजनिक-निजी भागीदारी से की जाएगी। 

नशामुक्ति और पुनर्वास बोर्ड बनेगा, विशेष कार्य बल बनाने की घोषणा, एक्ट भी लाया जाएगा
नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए नशीली दवाओं पर निर्भरता रोकथाम, नशामुक्ति और पुनर्वास बोर्ड का गठन किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज, टांडा व सिरमाैर में नशा मुक्ति और पुनर्वास नोडल केंद्र स्थापित किया जाएगा। क्षेत्रीय,जिला, मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में आवश्यकता के अनुसार नशामुक्ति बिस्तरों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी। हिमाचल प्रदेश नशा निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के माध्यम से नशे से जूझ रहे लोगों के लिए दंडात्मक उपाय के स्थान पर पुर्नवास पर जोर दिया जाएगा।  बजट में नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए विशेष कार्य बल बनाने की घोषणा की गई है।  संगठित अपराध सिंडिकेट या गिरोह की ओर से गैर कानूनी गतिविधियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए  हिमाचल प्रदेश निरंतर गैरकानूनी गतिविधि की रोकथाम और संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2025 लाया जाएगा। 

नई राजीव गांधी वन संवर्द्धन योजना लागू होगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
वन क्षेत्र के विस्तारीकण के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से पाैधरोपण को बढ़ावा देने के लिए पांच हजार  हेक्टेयर भूमि पर का पाैधरोपण का लक्ष्य तय किया है।  वन प्रबंधन तथा वन क्षेत्र विस्तार में समुदायों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ व्यय के साथ नई राजीव गांधी वन संवर्द्धन योजना लागू की जाएगी। विश्व बैंक, केएफडब्ल्यू जाइका की सहायता से वन क्षेत्र में चल रही तीन परियोजनाओं के तहत अगले वर्ष के दौरान लगभग 200 करोड़ व्यय किए जाने का प्रस्ताव है। योजना में युवक मंडलों, महिला मंडलों तथा स्वयं सहायता समूहों को बंजर भूमि पर पाैधे, फलदार एवं अन्य उपयोगी पौधों के रोपण और उनकी सुरक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इन्हें एक हेक्टेयर से पांच हेक्टेयर तक के पौधारोपण क्षेत्र प्रबंधन के लिए दिए जाएंगे। औसत रोपण क्षेत्र दो हेक्टेयर से अधिक होने का अनुमान है। 2 हेक्टेयर क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पहले वर्ष में इन समूहों को 2,40,000 फलदार और अन्य वृक्षों को वन विभाग लगाने व संबंधित कार्यों के लिए वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान किए जाएंगे। इसके बाद भी पांच साल तक जीवित प्रतिशतता 50 प्रतिशत या अधिक होने पर दूसरे, तीसरे, चौथे व पांचवें वर्ष तक सालाना 1 लाख तथा 50 प्रतिशत से कम होने पर प्रोत्साहन तथा संरक्षण राशि दी जाएगी। इस प्रकार कुल 6,40,000 हजार की राशि प्रत्येक समूह को मिल सकेगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।

 मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना शुरू होगी
प्रदेश के शहरी क्षेत्र के छोटे फल-सब्जी विक्रेताओं, चाय दुकानदारों और अन्य के लिए मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना शुरू होगी।  राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत पात्र आवेदकों को ई-टैक्सी खरीदने के लिए सब्सिडी प्रदान करना जारी रखा जाएगा। तीन हजार डीजल-पैट्रोल टैक्सी वाहनों को इलेक्ट्रिक टैक्सी वाहनों में परिवर्तित करने पर ई-व्हीकल के लिए 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। एक हजार बस रूटों के नए परमिट निजी क्षेत्र को आवंटित किए जाएंगे । इन रूटों पर बस अथवा टैंपो ट्रैवलर की खरीद पर सिब्सडी प्रदान की जाएगी। जलाशयों से मछली प्राप्त कर रहे मछुआरों और मत्स्य कृषकों राॅयल्टी की दर को घटाकर 7.5 प्रतिशत किया जाएगा।  मुख्यमंत्री मत्स्य पालन योजना के तहत निजी क्षेत्र में 80 प्रतिशत सब्सिडी के साथ 20 हेक्टेयर नए मछली के तालाबों का निर्माण होगा। 120 नई ट्राउट इकाइयों का निर्माण होगा। मछुआरों को पुरानी नाव बदलकर नई नाव खरीदने के लिए पात्रता के अनुरूप 40 से 60 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा।

 

नए पर्यटन स्थल विसित होंगे, 78 ईको टूरिज्म साइटों का आवंटन होगा
गगल स्थित हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य निर्धारित समय अवधि में पूरा कर लिया जाएगा। नए पर्यटन स्थल के अंतर्गत मनाली, कुल्लू, नग्गर व नादौन में वैलनेस सेंटर, धर्मशाला, शिमला व मंडी में आइस स्केटिंग रिंक, पालमपुर और नगरोटा बगवां का सौंदर्यीकरण, बाबा बालकनाथ मंदिर के परिसर में पर्यटन सुविधाएं व नादौन में रॉफ्टिंग सेंटर बनाया जाएगा।  पर्यटकों की सुविधा एवं युवाओं को रोजगार के फूड वैन की खरीद के लिए उपदान दिया जाएगा। होम स्टे यूनिट्स के लिए एक नई योजना मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्टअप योजना शुरू करने की जाएगी। एक नई योजना के तहत  होटल स्थापित करने के लिए निजी क्षेत्र को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। नई हिमाचल प्रदेश ईको टूरिज्म नीति-2024 के अनुसार प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को गति दी जाएगी। 78 ईको टूरिज्म साईटों के आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। विभिन्न ईको टूरिज्म गतिविधियों के माध्यम से आगामी पांच वर्षों में लगभग 200 करोड़ अर्जित करने का लक्ष्य है। 

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