इस क्षेत्र में देश का पहला राज्य बन गया हिमाचल, पेश की मिसाल
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गुणात्मक शिक्षा में हिमाचल देश का अग्रणी राज्य बन गया है। एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (असर) 2016 में हिमाचल ने अन्य राज्यों को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है। असर 2016 के तहत देश के 589 जिलों में सर्वे किया गया।
गणित और भाषा ज्ञान में हिमाचल के विद्यार्थियों का देश भर में कोई सानी नहीं रहा। अंग्रेजी पढ़ पाने में हिमाचल को पांचवां स्थान मिला है। सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने बताया कि बीते बुधवार को नई दिल्ली में रिपोर्ट जारी हुई है, जिसमें प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भाषा और गणित में देश भर में अव्वल रहे।
रिपोर्ट ग्रामीण भारत में स्कूली शिक्षा, भाषा और गणित आधारित बुनियादी शिक्षण पर केंद्रित है। भारत के प्रत्येक ग्रामीण जिले में होने वाला यह सर्वे स्थानीय संगठनों और संस्थाओं द्वारा किया जाता है। असर 2016 की पहुंच देश के 589 जिलों और 17473 गांवों तक रही।
इसमें करीब 350232 परिवारों के 3 से 16 आयु वर्ग के 562305 बच्चों के बारे में जानकारियां जुटाई गईं। असर 2016 हिमाचल के 12 जिलों, 357 गांवों और 7024 घरों, 3 से 16 आयु वर्ग के 9557 बच्चों तक पहुंचा। असर की इस मुहिम को पूरा करने के लिए बीते साल राज्य भर में 15 संगठनों ने काम किया।
हिमाचल के नाम रहीं ये उपलब्धियां
- हिमाचल में 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों की नामांकन दर 99.8 प्रतिशत है। प्रदेश में 6 से 14 आयु वर्ग के करीब हर बच्चे स्कूल में नामांकित हैं।
- प्रदेश ने भाषा और गणित में बुनियादी शिक्षा के उपलब्धि स्तर में देश भर में पहला स्थान हासिल किया है। भाषा में प्रदेश के सरकारी स्कूलों का उपलब्धि स्तर देश के 41.6 प्रतिशत की तुलना में 65.3 प्रतिशत रहा। गणित में हिमाचल का परिणाम देश के 21.1 प्रतिशत के मुकाबले 47.4 प्रतिशत रहा।
- साल 2016 में गणित विषय में सरकारी स्कूलों में जाने वाले बच्चों के अधिगम स्तर में निजी स्कूलों के बच्चों के अपेक्षाकृत अधिक बढ़ोतरी हुई है।
- अंग्रेजी पढ़ पाने की क्षमता में भी हिमाचल प्रदेश ने बढ़ोतरी दर्ज करते हुए देश भर में पांचवां स्थान प्राप्त किया। अंग्रेजी में प्रदेश का उपलब्धि स्तर 44 प्रतिशत रहा।