हिमाचल विधानसभा सत्र: बजट पर चर्चा के दौरान सदन में हंगामा, सीएम और नेता प्रतिपक्ष में नोकझोंक
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने जब सरकार पर बजट के खोखला होने और प्रदेश को कर्ज में डुबोने समेत अन्य आरोप लगाए तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ उनकी खूब नोकझोंक हुई। नोकझोंक बढ़ी तो सदन में दस्तावेज छोड़कर मुकेश यह कहकर बाहर जाने लगे कि मुख्यमंत्री उन्हें बोलने नहीं दे रहे हैं।
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बजट पर चर्चा की शुरुआत में ही शनिवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन में हंगामा हो गया। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने जब सरकार पर बजट के खोखला होने और प्रदेश को कर्ज में डुबोने समेत अन्य आरोप लगाए तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ उनकी खूब नोकझोंक हुई। नोकझोंक बढ़ी तो सदन में दस्तावेज छोड़कर मुकेश यह कहकर बाहर जाने लगे कि मुख्यमंत्री उन्हें बोलने नहीं दे रहे हैं। हालांकि सीएम का बजट भाषण विपक्ष ने पूरा सुना। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने हस्तक्षेप कर सदन को शांत किया तो मुकेश ने चर्चा की शुरुआत करते हुए जमकर निशाने साधे। मुकेश बोले-यह विदाई का बजट है। शहनाई बज गई है। आप जाने की तैयारी करें। घोषणाओं के लिए अगली सरकार जयराम ठाकुर को हिमाचलश्री के खिताब से नवाजेगी।
मुकेश ने कहा कि भाजपा महंगाई को डायन बोलती थी, आज यह मौसी हो गई है। यह बजट आंकड़ों का खेल है। विकास दर बढ़ी दर्शाकर 72 साल का रिकॉर्ड टूटा है। प्रदेश को कर्ज में डुबोने का आरोप लगाकर मुकेश ने यह शे’र पढ़ा - न तुम बचोगे, न साथी तुम्हारे, जब डूबेगी कश्ती तो डूबेेंगे सारे। अग्निहोत्री बोले कि मुख्यमंत्री को जेंटलमैन से स्ट्रांगमैन बनने की राय देने वाली अफसरशाही उनका नुकसान कर रही है। सबको पेंशन देने के मामले में बजट में 40 हजार की कैप लगा दी है। अग्निहोत्री ने पूछा कि सेब वालों के लिए बजट में क्या किया है। 2800 करोड़ के जलशक्ति विभाग में टेंडर आठ कंपनियों को दे दिए। जल शक्ति मिशन बहुत बड़ा घोटाला है।
जयराम ने मुकेश को टोका, यह पांचवां बजट है, वह छठा भी पेश करेंगे
मुख्ममंत्री ने मुकेश को टोकते हुए कहा कि विपक्ष से न तो तारीफ की उम्मीद है और न जरूरत। कौन सरकार आज से पहले ऐसे चली, जिसने कर्ज नहीं लिया। इनके वक्त में तो 28 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया। उनका यह पांचवां बजट है, वह छठा भी पेश करेंगे। वह विपक्ष की ओर इशारा कर बोले-हम आपकी वहां पर सलामती की दुआ करते हैं।
मुकेश ने ओपीएस पर सदन में गाया - जइया मामा मानदा नहीं
मुकेश ने मुख्यमंत्री पर तंज कसकर पहाड़ी में गाया - जइया मामा मानदा नहीं। कर्मचारी री शुणदा नहीं। यह मालूम रहे कि ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) बहाली की मांग उठाते हुए एक आंदोलनकारी का यह विरोध गीत सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मसले पर बजट में मुख्यमंत्री खामोश रहे हैं।
कैबिनेट बैठक टली, अब सात मार्च को होगी
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की शनिवार को बैठक टल गई है। अब यह सात मार्च सुबह 11 बजे होगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होने जा रही इस बैठक में अब विधेयकों के ड्राफ्ट पर चर्चा संभावित हैं। कई अन्य निर्णय भी हो सकते हैं। ब्यूरो
कांग्रेस विधायक नेगी के मोदी के फोटो के जिक्र से उखड़ा सत्तापक्ष, सदन में हंगामा
प्रदेश के बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने जैसे ही पेट्रोल पंपों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो का जिक्र किया तो सत्तापक्ष बुरी तरह से उखड़ा और कड़ा विरोध करने लगा। इसके बाद विपक्ष के सदस्य भी खड़े हो गए और कुछ ही देर में सदन में हंगामा होने लगा। इसके बाद जैसे ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सदन में आए और उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा को बनाए रखना सभी सदस्यों का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने नाराजगी भरे अंदाज में कहा कि देश के प्रधानमंत्री की गरिमा को बनाए रखें और कोई भी टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री का पद गरिमापूर्ण है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के इस अंदाज पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले यह तो बताएं विधायक जगत सिंह ने आपत्तिजनक शब्द बोले क्या हैं? यह सवाल मुकेश सदन में बार-बार पूछते रहे। जगत सिंह नेगी ने जब प्रधानमंत्री के फोटो को लेकर जिक्र किया तो उस समय मुख्यमंत्री सदन में नहीं पहुंचे थे। जब सदन में मामले लेकर हंगामा हुआ तो मुख्यमंत्री सदन में आए। इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने विधायक जगत सिंह नेगी के चर्चा के दौरान फोटो का जिक्र करने पर कड़ी आपत्ति की और कहा कि देश और प्रधानमंत्री की गरिमा होती है। इसे बनाकर रखना सबका दायित्व है। उन्होंने अध्यक्ष से कहा कि सदस्य के कहे आपत्तिजनक शब्दों को रिकार्ड से बाहर किया जाए।
इस पर अध्यक्ष विपिन परमार ने व्यवस्था दी कि पूरा रिकॉर्ड देखा जाएगा और अगर सदस्य ने कोई आपत्तिजनक शब्द कहे होंगे तो उनको रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा। इससे पहले चर्चा में हिस्सा लेते हुए राकेश जमवाल ने कहा कि बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। पूरा विपक्ष बजट का विरोधी है। सुभाष ठाकुर ने कहा कि बजट में सर्व स्पर्शी है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि बजट में नयापन नहीं था। शराब मामले में एसएचओ, एसपी और डीसी को निलंबित नहीं किया। परम जीत पम्मी ने कहा कि गरीबों को तीन मुफ्त सिलिंडरों से काफी राहत मिलेगी। बलबीर सिंह ने कहा कि चौपाल क्षेत्र का विकास हो रहा है। लखविंद्र राणा ने कहा कि रामगढ़ में बीडीओ दफ्तर खोला जाए, खनन माफिया पर शिकंजा कसा जाए और उनके इलाके में एक कॉलेज खोला जाए।
चर्चा के दौरान वरिष्ठ अधिकारी दीर्घा से गायब
बजट पर चर्चा के दौरान वरिष्ठ अधिकारी दीर्घा से गायब थे तो विपक्ष के सदस्य रामलाल ठाकुर ने सभापति का ध्यान अधिकारी दीर्घा की तरफ दिलाया। उन्होंने कहा कि दो बार बोलने के बाद भी अधिकारी दीर्घा में नहीं दिख रहे। इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्य सचिव के ध्यान में मामला लाया गया है और उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। इसके थोड़ी देर बाद अधिकारी दीर्घा में बैठने लगे।