हिमाचल में बनेंगी नई पंचायतें, मंत्री ने विधानसभा में दी जानकारी
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जयराम सरकार प्रदेश में नई पंचायतों का गठन करेगी। इससे कई विधानसभा क्षेत्रों में ब्लॉकों, जिला परिषदों, पंचायत समिति वार्डों और पंचायतों की सीमाओं में फेरबदल होगा। सूबे में ऐसी कई पंचायतें हैं जिनके आधे लोग एक विधानसभा क्षेत्र तो आधे दूसरे हलके में आते हैं।
इससे लोगों को दिक्कतें आ रही हैं। मानसून सत्र के पहले दिन कसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह के लिखित प्रश्न के उत्तर में ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने नई पंचायतों के गठन की जानकारी दी।
बताया गया कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी यह मामला बार-बार उठता रहा लेकिन अब भाजपा सरकार ने नई पंचायतों के गठन का फैसला लिया है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रदेश में 3226 पंचायतें हैं। पहले 3243 पंचायतें होती थीं।
कुछ साल पहले कई पंचायतों को शहरी क्षेत्रों में मिलाया गया जिससे कई पंचायतें खत्म हो गईं। विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्सीमांकन केे बाद से पंचायतों के पुनर्गठन की मांग उठ रही है।
इस साल इंजीनियरिंग कॉलेजों में खाली रहीं 1,954 सीटें
प्रदेश के सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में इस साल 1954 सीटें खाली रही हैं। नगरोटा से भाजपा विधायक अरुण कुमार के सवाल का लिखित जवाब देते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री बिक्रम सिंह ने यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि बीते तीन वर्षों में जेईई मेन्स और एचपीसीईटी की मेरिट समाप्त होने पर रिक्त सीटें जमा दो कक्षा के आधार पर भरने के बाद भी सीटें खाली रह रही हैं।
अनुमोदित मानकों को पूर्ण करने वाले सभी आवेदनकर्ताओं को प्रवेश दिया गया है। प्रवेश के लिए न्यूनतम अंकों की योग्यता में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि साल 2018-19 में 2152 और 2017-18 में 2378 सीटें कॉलेजों में खाली रहीं।
ऊना में पकड़े ड्रग्स के 106 मामले
हिमाचल में नशे का कारोबार फल फूल रहा है। जिला ऊना में 1 अप्रैल 2018 से 31 जुलाई 2019 तक सिंथेटिक ड्रग्स चिट्टा, चरस, अफीम के 106 मामले पकड़े गए। 201 मामले अवैध रूप से शराब बेचने के दर्ज किए गए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी चिंतपूर्णी के विधायक बलवीर सिंह के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि चिट्टा के 60, चरस के 41, अफीम के 5 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि अवैध शराब बेचने के 201 मामले दर्ज हुए हैं।