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Himachal Assembly Session: जयराम ने आपदा राहत में लगाया बंदरबांट का आरोप, सुक्खू बोले-प्रभावितों को दी राहत

Tue, 27 Aug 2024 09:00 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 27 Aug 2024 09:00 PM IST
सार

10 दिन चलने वाले सत्र के दौरान सदन में सड़क-पुलों, आपदा, अपराध, नशा, स्कूलों के विलय जैसे कई विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में घमासान होने के आसार हैं। 

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Himachal Assembly monsoon Session live update: On the first day, there was uproar in the House, the opposition
विपक्ष ने किया वाकआउट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में बीते साल आपदा और इस वर्ष बरसात के दौरान हुए नुकसान व राहत राशि के आवंटन को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर में नोकझोंक हुई। नियम-130 के तहत जयराम ठाकुर ने सरकार पर आपदा राहत में बंदरबांट और प्रभावितों को राहत राशि न मिलने का आरोप लगाया। इस पर सुक्खू ने कहा कि बीते वर्ष आपदा से जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए, उन्हें राहत राशि दी गई है। लोगों ने अपने मकान बना लिए हैं। जिनको किस्त नहीं मिली है, वह एसडीएम के पास जाकर आवेदन करें। उन्हें अंतिम किस्त जारी कर दी जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्ष की आपदा के प्रभावितों के लिए घोषित विशेष पैकेज के तहत राज्य और एनडीआरएफ राहत से 847 करोड़, वित्त विभाग के तहत 1875 करोड़, ग्रामीण विकास विभाग से 1085 करोड़ और मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत 150 करोड़ जारी हुए। प्रभावितों को मुआवजा दिया जा रहा है। विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहत राशि वितरण में बंदरबांट हुई है। आपदा के दौरान सरकार ने जो वायदे बेघर लोगों के लिए किए, वह भी पूरे नहीं किए गए हैं। सरकार ने ध्वस्त हुए घरों को 7 लाख रुपये देने की बात की, लेकिन इस वर्ष प्रभावितों को डेढ़ लाख रुपये देने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने के वायदे से कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई। लेकिन भाजपा ने सत्ता में रहते हुए जो 125 यूनिट बिजली मुफ्त दी थी, उसे भी इसने बंद कर दिया। कहा कि मंडी में 12 पुल क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन कोई नया पुल नहीं बनाया।
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धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि बीते साल आपदा के चलते लकड़ी के हजारों स्लीपर पानी के बहाव के साथ आए। पर यह कटान किसने किया। इसका आज तक पता नहीं चला है। प्रदेश सरकार ने कर्जे में डूबने के बाद भी प्रभावितों को राहत दी। भाजपा के बड़े नेता मंडी में आकर कह गए कि केंद्र से जारी राशि की जांच होगी। जब केंद्र ने पैसा दिया ही नहीं तो जांच किस बात करवाना चाह रहे हैं। 

आपदा को लेकर ठोस नीति बनाने की जरूरत : अनुराधा
विधानसभा सदन में पहली बार जीतकर आईं लाहौल स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है। नदियों का तटीकरण जरूरी है। भवनों को पुरानी शैली में बनाने की आवश्यकता है। पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ आपदा को बुला रही है। सीमेंट कारखाने लगने से जंगल कंक्रीट के बनते जा रहे हैं।

भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से उनके क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। प्रभावितों को मुआवजा राशि नहीं मिली है। पुल न लगने से अभी भी उनके क्षेत्र के लोग जन जोखिम में डालकर नदी-नालों को पार कर रहे हैं। कांग्रेस विधायक किशोरी लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों को राहत राशि दी है। भाजपा विधायकों का यह कहना गलत है कि प्रभावितों को राहत नहीं दी गई। सुलह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि बीते वर्ष की आपदा प्रभावितों को किराया तक नहीं मिल रहा है। गलत खनन नीति के कारण ही आपदा आ रही है। भाजपा विधायक पूर्ण चंद ने कहा कि आपदा राशि को लेकर उनके विधानसभा क्षेत्र के साथ पक्षपात किया गया है। 14 दिन तक मौके पर न तो मुख्यमंत्री पहुंचे और न ही मंत्री ही पहुंचे। उन्होंने दूसरे दिन प्रभावितों से मुलाकात कर राहत पहुंचाई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मौके पर आकर प्रभावित परिवारों से मिले।
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