राजनाथ ने नेताओं को दी नैतिकता की नसीहत, बोले- पहली नजर में आरोप सही लगें तो छोड़ दें पद
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बल्ह में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सभी पार्टियों से अपील की है कि यदि किसी नेता पर कोई आरोप लगता है और प्राथमिक जांच में आरोप बनता है तो उसे नैतिकता के नाते अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब तक आरोपमुक्त न हो जाएं, तब तक ऐसे नेताओं को पद किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करना चाहिए। जनसभा के दौरान राजनाथ सिंह ने कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया में चल रही एक तस्वीर पर भी सफाई दी। इसमें एक सुरक्षाकर्मी को राजनाथ सिंह के पैरों में बैठे दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश को दिवालिया घोषित कर दिया है।
नोटबंदी से भ्रष्टाचारियों की बोलती बंद हुई
इसके बाद राजनाथ सिंह ने नाचन के कोट में भाजपा प्रत्याशी विनोद कुमार के पक्ष में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते हैं और वे कुर्सी से चिपके हुए हैं। नोटबंदी से भ्रष्टाचारियों की बोलती बंद है।
कालेधन को सफेद करने के लिए फर्जी कंपनियों का सहारा लिया गया। तीन लाख फर्जी कंपनियों पर ताले लग गए हैं। कहा कि गुड़िया प्रकरण जैसे मामले रोकने को प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। एक हेल्पलाइन बनाई जाएगी, जो 24 घंटे काम करेगी तथा शिमला में सीधी उसकी जानकारी मिलेगी।
अवैध खनन, भू, वन के लिए ज्वाइंट टास्क फोर्स बनाई जाएगी। भाजपा के विधायकों को हर साल संपत्ति का ब्योरा देना होगा। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों ने अगर एक गोली चलाई तो उसके बाद हमारे सैनिक कितनी गोलियां चलाएंगे, इसकी गिनती नहीं होगी।
जिन लोगों की फोरलेन में जमीन गई है, उन्हें चार गुना मुआवजा मिलेगा। मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा समेत अनेक भाजपा नेता उपस्थित रहे। बैहना में इंद्र सिंह गांधी, दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी और लता देवी मौजूद रहे।