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हिमाचलः मैदान में इंतजार करते रह गए कार्यकर्ता, नहीं आईं मायावती
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा
Updated Mon, 06 Nov 2017 10:04 AM IST
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नगर पालिका मैदान कांगड़ा में बहुजन समाज पार्टी की प्रदेश स्तरीय रैली में मायावती के न पहुंचने से कार्यकर्ताओं को मायूसी हाथ लगी। करीब दो दिन से मैदान में मंच सजाने और रविवार सुबह से ही इस आयोजन के लिए कार्यकर्ताओं के आने का कोई लाभ बसपा प्रत्याशियों को नहीं मिला।
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दोपहर तक तो मैदान में कुर्सियां भी खाली थीं। बाद में राज्य के अन्य जिलों से कार्यकर्ता तो आए लेकिन मायावती उन्हें संबोधित करने नहीं पहुंच पाईं। ऐसे में पार्टी के किए सारे इंतजाम ढेर हो गए। सुरक्षा के लिए लगी पुलिस भी कार्यकर्ताओं के जाने के बाद वापस लौट गई।
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दोपहर तक तो यह भी चर्चाएं रहीं कि भीड़ न होने की वजह से मायावती ने यहां आने का इरादा छोड़ दिया है, हालांकि पार्टी की तरफ से इसकी अधिकारिक पुष्टि किसी ने नहीं की है। बसपा सुप्रीमो का रविवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे कांगड़ा आने का कार्यक्रम था।
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अधिकतर कुर्सियां रहीं खाली
एक बजे तक रैली स्थल पर अधिकतर कुर्सियां खाली रहीं। कार्यक्रम में आए लोगों को बसपा के महासचिव राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने संबोधित किया। मिश्रा ने कहा कि मायावती की तबीयत खराब होने कारण वह रैली में नहीं पहुंचीं और उनका संदेश लेकर वह आए हैं।
मिश्रा ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ओबीसी, एससी तथा एसटी वर्ग विरोधी हैं। राज्यसभा और लोकसभा में इन समुदायों की मांगों को उठाने से बसपा को रोका जा रहा है।
इसी की नतीजा है कि मायावती ने 18 जुलाई को संसद में आवाज न उठाने देने पर राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बसपा के प्रदेशाध्यक्ष विजय नायर, प्रदेश प्रभारी अवतार सिंह करीमपुरी, और राकेश जाटव, गुरनाम सिंह, महासचिव विजय बाहड़ी ने भी रैली को संबोधित किया।
मिश्रा ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ओबीसी, एससी तथा एसटी वर्ग विरोधी हैं। राज्यसभा और लोकसभा में इन समुदायों की मांगों को उठाने से बसपा को रोका जा रहा है।
इसी की नतीजा है कि मायावती ने 18 जुलाई को संसद में आवाज न उठाने देने पर राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बसपा के प्रदेशाध्यक्ष विजय नायर, प्रदेश प्रभारी अवतार सिंह करीमपुरी, और राकेश जाटव, गुरनाम सिंह, महासचिव विजय बाहड़ी ने भी रैली को संबोधित किया।