वंशवाद पर सतपाल सत्ती का कांग्रेस पर वार, बोले- पार्टी परिवारवाद से ग्रस्त
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कांग्रेस के प्रत्याशी चयन में वंशवाद को मिली तरजीह को भाजपा सियासी रंग देने में जुट गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा है कि कांग्रेस ने बेटों-बेटी को टिकट देकर वंशवादी पार्टी होने के भाजपा के आरोप को सिद्ध किया है।
पार्टी अध्यक्ष ने कहा हैं कि राष्ट्रीय स्तर से कांग्रेस परिवारवाद से ग्रस्त है और राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी में राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए वर्षों से कोशिश में हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में मणी शंकर अय्यर ने हिमाचल में आकर कांग्रेस की वंशवाद पर खुलकर आलोचना की है।
सत्ती ने कहा कि एक तरफ वशंवाद में पली पार्टियां है, और दूसरी ओर संकल्पबद्ध कार्यकर्त्ताओं की पार्टी है। भाजपा नेता का आरोप है कि हिमाचल प्रदेश में भी योग्यता को दरकिनार कर कांग्रेस ने वशंवाद की जड़े और गहरी करने की रणनीति बनाई हैं।
पुत्र-पुत्रियों का मोह नहीं त्याग पाई कांग्रेस
लेकिन पार्टी हाईकमान में विरोध के चलते विधानसभा चुनावों में नामांकन की आखिरी तारीख से पहले दिन नेताओं के बेटों जिसमें वीरभद्र सिंह, बृज बिहारी लाल बुटेल और रामनाथ शर्मा के बेटों और कौल सिंह की बेटी को टिकट दिया गया।
सत्ता में काबिज कांग्रेस पुत्र-पुत्रियों का मोह नही त्याग पाई। वर्षों से कांग्रेस की सेवा करने वाले कार्यकर्त्ताओं के भविष्य का किसी को ख्याल तक नहीं है। दूसरी ओर, भाजपा में कार्यकर्त्ता वर्षों काम करके पार्टी के पदों तक पहुंचते हैं और चुनाव लड़ते हैं।
भाजपा ने चुनावों में 16 बिल्कुल नए चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा हैं। भाजपा योग्यता को सामने रखकर राजनीतिक गरिमा का ख्याल रखते हुए राजनीति को सेवा का माध्यम समझती है और वशंवाद की राजनीति की घोर निंदा करती है।