हिमाचल चुनावः सरकारी संपत्ति में पोस्टर लगाने पर नपे तीन विस क्षेत्रों के उम्मीदवार
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सरकारी संपत्ति में पोस्टर लगाना तीन विस क्षेत्रों के उम्मीदवारों को महंगा पड़ गया है।
प्रदेश हाईकोर्ट ने राजनीतिक दलों की ओर से चुनाव प्रचार के दौरान बैनर, होर्डिंग्स और पोस्टर इत्यादि सरकारी संपत्तियों पर लगाने के खिलाफ दायर याचिका में शिमला शहर, शिमला ग्रामीण और कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को प्रतिवादी बनाया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यह आदेश पारित किए। मामले पर अगली सुनवाई मंगलवार को दोबारा होगी। हाईकोर्ट ने पाया कि कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद न्यायालय के आदेशों की अनुपालना नहीं हो रही है।
इस कारण इस मामले में उम्मीदवार सुरेश भारद्वाज, हरभजन सिंह भज्जी, संजय चौहान, वीरेंद्र कुमार, हरीश जनारथा, किशोरी लाल शर्मा, प्रमोद शर्मा, विक्रमादित्य सिंह, एमडी शर्मा, कुशल राज, रमेश कुमार, विजय ज्योति सेन, अनिरुद्ध सिंह, कुलदीप सिंह तंवर, इंद्र सिंह, देवराज भारद्वाज और मदन मोहन ठाकुर को प्रतिवादी बनाया है।
कोर्ट ने आदेश दिए थे कि किसी भी सरकारी इमारत और परिसर की दीवारों पर कुछ भी लिखने की इजाजत न दी जाए। कोर्ट ने सरकारी संपत्तियों पर पोस्टर, बैनर, कटआउट, होर्डिंग्स, अथवा झंडे लगाने को भी प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए थे।
पूर्व मेयर समेत पांच नेता कांग्रेस से बाहर
इधर, शिमला शहर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के बागी हरीश जनारथा के पक्ष में प्रचार करना कांग्रेस नेताओं को महंगा पड़ा है। कांग्रेस पार्टी ने नगर निगम शिमला के पूर्व मेयर और डिप्टी मेयर तथा एक अन्य को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
शहर की पूर्व मेयर जैनी प्रेम और डिप्टी मेयर शशि शेखर चिन्नू को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहर की कार्यकारिणी सदस्य अनीता ठाकुर को भी पार्टी से छह सालों के लिए निष्कासित किया गया है।
शहर कांग्रेस के पदाधिकारियों, मौजूदा पार्षदों और पूर्व पार्षदों को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तीन नवंबर को अल्टीमेटम जारी किया था। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 24 घंटे के भीतर पार्टी प्रत्याशी हरभजन सिंह भज्जी के प्रचार में शामिल होने के निर्देश दिए थे।
शिमला शहर सीट पर कांग्रेस के बागी हरीश जनारथा निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। जनारथा शिमला से पार्टी टिकट के दावेदार थे लेकिन अंतिम समय में टिकट हरभजन सिंह भज्जी को दिया गया। नामांकन के बाद से जनारथा के साथ शहर कांग्रेस के कुछ पदाधिकारी, पूर्व मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षद चल रहे हैं।
तीन पदाधिकारी पहले ही किए जा चुके हैं निष्कासित
जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहर के तीन पदाधिकारियों को पहले ही पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है। पहली नवंबर को शहर कांग्रेस के दो सचिव अतुल गौतम, हरजीत सिंह मंगा और महासचिव मलकीयत सिंह को पार्टी से छह साल के निष्कासित कर दिया था।