हिमाचल विस चुनाव: इस सीट से ससुर होंगे नायक या दामाद मारेंगे बाजी
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हिमाचल प्रदेश में राजनीति का ध्रुवीकरण कांग्रेस और भाजपा की सीटों से होना है। लेकिन सोलन में नजरें ससुर और दामाद पर टिकी हैं। परिवार से पार्टी तक पहुंची इस लड़ाई में चुनाव प्रचार के दौरान तमाम नेताओं का ध्यान खींचा तो प्रदेश या जिला के बाहर से आए पार्टी के वक्ताओं के तंज से भी परिवार के बीच की दरारें बढ़ती चली गईं।
पूरी मतदान प्रक्रिया के दौरान सबसे रोचक बात यही रही कि कांग्रेस उम्मीदवार कर्नल धनी राम शांडिल की छोटी बेटी ने पिता का साथ निभाया तो बड़ी बेटी चुनाव में पति और भाजपा के उम्मीदवार डॉ. राजेश कश्यप के साथ से खड़ी रही। चुनाव प्रक्रिया के बाद एक भी बार ससुर और दामाद एक मंच पर नहीं दिखे दोनों के बीच दूरियां अब भी उतनी ही हैं जितनी चुनाव प्रक्रिया के दौरान थीं।
लेकिन इन सब बातों के बीच बड़ा सवाल यही है कि 18 दिसंबर के बाद इस परिवार पर चुनाव परिणाम क्या असर लेकर आएगा। दरारें खत्म होंगी या खाई में तबदील हो जाएंगी। कर्नल धनी राम शांडिल कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं और सोलन से इकलौते मंत्री भी रहे हैं। उन्हें उनके दामाद से कड़ी टक्कर इस बार के चुनाव में मिली है।
किसने क्या कहा
भाजपा ने दो बार समीक्षा बैठक आयोजित कर बूथ स्तर से रिपोर्ट जुटाई है और रिपोर्ट में भाजपा-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर का परिणाम सामने आया है तो कांग्रेस भी ग्राउंड वर्क की बात कर रही है और उम्मीदवार कर्नल धनीराम शांडिल को भी जीत की पूरी उम्मीद है।
बहरहाल दोनों के भविष्य का फैसला ईवीएम में कैद है और सोमवार को यह तय हो जाएगा कि जीत किसके सिर सजेगी। हार और जीत एक ही परिवार में होनी है ऐसे में यह तय है कि हारने वाला इसकी जिम्मेदारी किस पर थोपता है और जीतने वाला पार्टी से बाहर जाकर प्रतिद्वंद्वी को गले लगाने की हिम्मत जुटा पाता है या नहीं।
किसने क्या कहा
ससुर से अशीर्वाद मांगों पहले बेटी दान में दी थी अब सीट भी दे देंगे: पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल
भाजपा कभी क्षेत्र बांटती है कभी समाज और कहीं तो परिवार ही बांट देती है: वीरभद्र सिंह
कर्नल हर मोर्चे पर लड़ने को तैयार है चाहे मुकाबले में कोई भी हो: राज बब्बर
चुनाव खत्म, स्पर्धा खत्म
विधानसभा का चुनाव एक मैच की तरह था। अब चुनाव हो चुके हैं सोमवार को परिणाम आ जाएगा। मुझे लगता है प्रतिस्पर्धा परिणाम के साथ ही खत्म हो जाएगी। परिवार एक होगा सभी एक-दूसरे से मिल सकते हैं। मैं ऐसे व्यक्तित्व का नहीं हूं जो दिल में कोई बात रखूंगा। कांग्रेस उम्मीदवार, कर्नल धनी राम शांडिल
वक्त भर देगा जख्म
यह तो वक्त तय करेगा जख्म कितने दिन में भरते हैं। जिस दिन नामांकन भरा था उसी दिन से कठिन समय परिवार के लिए शुरू हो गया था। वैसे वक्त हर गहरे से गहरा जख्म भर देता है। उम्मीद है यहां भी सब कुछ ठीक हो जाएगा। परिणाम चाहे जैसे भी आएं। भाजपा उम्मीदवार, डॉ. राजेश कश्यप
सोलन में हुआ है सबसे कम मतदान
सोलन जिला में इस बार के विधानसभा चुनाव में 77.44 प्रतिशत मतदान हुआ है। जिसमें सबसे कम 66.65 प्रतिशत मतदान सोलन सदर सीट पर हुआ है। जिला में सर्वाधिक मतदान दून में 89.95 प्रतिशत, नालागढ़ में 84.27 प्रतिशत, कसौली में 72.86, अर्की में 74.63 प्रतिशत मतदान हुआ है।