हिमाचल में कांग्रेस लड़ेगी छह बनाम अस्सी करोड़ की लड़ाई
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हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर सीएम वीरभद्र को घेरने चली भाजपा से लड़ने के लिए कांग्रेस भ्रष्टाचार को ही हथियार बनाने जा रही है। हिमाचल चुनाव की घोषणा होते ही कांग्रेस ने अपनी रणनीति और मुद्दों का खुलासा किया है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव और राज्य की सहप्रभारी रंजिता रंजन का कहना है कि कांग्रेस छह करोड़ बनाम भाजपा के अस्सी करोड़ समेत भाजपा शासित राज्यों के घोटाले को मुद्दा बनाएगी। रंजिता रंजन ने हिमाचल चुनाव में ईवीएम के साथ वीवीपैट लगाने का स्वागत किया है।
जबकि गुजरात चुनाव की तिथियां घोषित न करने और हिमाचल में चुनाव के बाद मतगणना एक महीने दस दिन बाद कराने पर शक जाहिर किया है।
उनका कहना है कि चुनाव आयोग वैसे तो दबाव में काम नहीं करता है लेकिन अचानक गुजरात चुनाव की तिथियां घोषित न करने से बू आती है। ऐसा होने में शक के साथ भाजपा का डर भी दिख रहा है। शायद प्रधानमंत्री को गुजरात के लिए कुछ और चुनावी घोषणा का इंतजार है।
जय शाह समेत भाजपा राज्यों के भ्रष्टाचार को बनाएगी मुद्दा
सहप्रभारी का कहना है कि पिछले दस दिनों से कांग्रेस आयोग के फैसले का इंतजार कर रही थी। राहुल गांधी ने वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में ही चुनाव में उतरने की घोषणा कर दी है जबकि भाजपा के पांच नेता मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं।
भाजपा नेता हिमाचल में हर बार वीरभद्र सिंह को लेकर भ्रष्टाचार पर अटैक करते हैं। ईडी में पांच मामलों का उपहार देकर छह करोड़ का आरोप लगाते हैं। जिसके लिए वीरभद्र कानून के दायरे में पूरी प्रक्रिया में शामिल हैं।
अब भाजपा को जयशाह के अस्सी करोड़ के मामले को भी सीबीआई और ईडी को सौंपना चाहिए। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से करानी चाहिए। कांग्रेस वीरभद्र सरकार के काम और उपलब्धियों को बताने के लिए भाजपा शासित राज्यों से तुलना भी करेगी।