फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal assembly election 2017 action against rebellion in congress and bjp

भितरघात पर कई और कांग्रेसियों पर गिरने वाली है गाज, भाजपाई भी नपे

Mon, 13 Nov 2017 01:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 13 Nov 2017 01:07 PM IST
विज्ञापन
himachal assembly election 2017 action against rebellion in congress and bjp

पार्टी से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले या निर्दलीय मैदान में उतरने वालों का समर्थन करने वालों पर भाजपा और कांग्रेस ने कार्रवाई तेज कर दी है। कांग्रेस ने बागियों पर कार्रवाई के बाद कई ब्लॉकों में अब भितरघात करने वालों को भी पार्टी से निष्कासित करना शुरू कर दिया है। जिला, ब्लॉक अध्यक्षों और पार्टी प्रत्याशियों से ऐसे लोगों की सूची मांग ली है।

विज्ञापन


वहीं, भितरघात को लेकर भाजपा भी गंभीर हो गई है। पार्टी ने मंडल स्तर पर कई ऐसे नेताओं को हटाना शुरू कर दिया है। पार्टी के खिलाफ काम करने वाले भितरघातियों पर कार्रवाई को लेकर उच्च स्तर पर मंथन चल रहा है। भाजपा में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल कार्यकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
विज्ञापन


मंडल स्तर पर ऐसे कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। रविवार को कुटलैहड़ मंडल में चार कार्यकर्ता 6 साल को निष्कासित किये गए, जबकि एक दिन पहले सरकाघाट मंडल से तीन पदाधिकारी नापे गए। कांग्रेस की तर्ज पर भाजपा में भितरघात करने वाले किसी हैवीवेट चेहरे का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों की माने तो उच्च स्तर पर कुछ नामों पर मंथन हो रहा है। इससे पहले चुनाव के दौरान बागी होकर निर्दलीय उतरे 6 नेताओं और एक पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा में सात विधानसभा हलकों में खुलेआम बगावत से पार्टी के समीकरण प्रभावित हुए।  हालांकि, वहां मजबूत प्रचार तंत्र से पार्टी पदाधिकारियों ने भरपाई की कोशिश जरूर की है। पालमपुर में प्रवीण शर्मा, चंबा में वीके चौहान और डीके सोनी, श्री रेणुका जी हलके में हृदयराम, फतेहपुर में बलदेव सिंह ठाकुर, हरोली में रविंद्र मान और भरमौर में ललित ठाकुर ने निर्दलीय के तौर पर नामांकन दाखिल किया। निर्दलीय उतरे 6 बागियों और जसवां परागपुर से एक वरिष्ठ पदाधिकारी को पार्टी ने 31 अक्तूबर को बाहर कर दिया।

इसके बाद भी पार्टी इन बागियों के संपर्क में रही, जिससे प्रत्याशी के पक्ष में उन्हें बैठाया जा सके। मतदान से चार दिन पहले चंबा में सिटिंग विधायक वीके चौहान को प्रत्याशी पवन नैयर के पक्ष में मना भी लिया गया, जबकि पालमपुर में प्रवीण शर्मा से भी लगातार वार्ता होती रही। पार्टी को वैसे कई हलकों से पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ  कार्य करने की शिकायतें मिली हैं।

मंडी के सरकाघाट और ऊना के कुटलैहड़ मंडल में कार्रवाई हो चुकी है। प्रदेश स्तर पर अभी पार्टी वेट एंड वॉच की स्थिति में है। केवल सूचनाओं को आधार बनाने की जगह पुख्ता सबूत हासिल होने पर कार्रवाई होगी। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि बागियों के खिलाफ पार्टी कार्रवाई कर चुकी है। फिलहाल किसी भी हलके से भितरघात की कोई बड़ी सूचना नहीं है। अगर मंडलों से ऐसी सूचनाएं आती हैं तो उस पर यथोचित कार्रवाई की जाएगी।

नप सकते हैं कांग्रेस के कई और बागी

himachal assembly election 2017 action against rebellion in congress and bjp

प्रदेश में कांग्रेस के कई बागी नप सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला, ब्लॉक अध्यक्षों और कांग्रेस प्रत्याशियों से ऐसे तमाम बागियों की सूचियां मांगी हैं, जिन्होंने राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम किया है। इनमें से कई कांग्रेसियों ने निर्दलीय ही चुनाव लड़कर कांग्रेस प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचाया तो कइयों ने विरोधी प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार किया है। चुनाव घोषित होने के बाद अब तक पार्टी ने ढाई दर्जन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निष्कासित कर दिया है। 

पिछले दिनों कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव में खडे़ पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया, सिंघी राम, पूर्व विधायक सुरेंद्र पाल ठाकुर के अलावा हरीश जनारथा, बावा हरदीप सिंह, पूर्ण चंद जैसे कांग्रेस नेताओं को निष्कासित किया जा चुका है। इसी तरह ठियोग से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी रहे राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष अतुल शर्मा को भी निकाल दिया गया है। इनके अलावा ढाई दर्जन कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी पार्टी से बाहर किया जा चुका है।

सोमवार को भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी जिलों और ब्लॉकों से आई बागियों की एक और सूची पर मंत्रणा करेगी। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर कई अन्य नेताओं पर भी गाज गिर सकती है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान का कहना है कि कांग्रेस के प्रत्याशियों और जिला एवं ब्लॉकों के पदाधिकारियों से शिकायतें मिलने के बाद ही बागियों को निष्कासित किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed