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सीएम वीरभद्र ने पेंशनर दिवस पर हजारों पेंशनरों को दिया तोहफा

Sun, 18 Dec 2016 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 18 Dec 2016 12:05 AM IST
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hike in pension from new year: virbhadra singh

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सूबे के हजारों पेंशनरों के लिए अतिरिक्त पेंशन देने का एलान किया है। अगले वित्तीय वर्ष से 65 वर्ष और इससे अधिक उम्र के पेंशनरों को यह लाभ दिया जाएगा। 65 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके पेंशनरों को मूल पेंशन का 5 फीसदी, 70 वर्ष वालों को 10 फीसदी और 75 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके पेंशनरों को 15 फीसदी अतिरिक्त पेंशन दी जाएगी। इन पेंशनरों को 300 से 6,000 रुपये तक मासिक फायदा होगा। 

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इससे राजकीय कोष पर 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री की ओर से की गई जबरदस्त पैरवी के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पेंशनर दिवस पर होटल पीटरहॉफ शिमला के बाहर शनिवार को राज्य पेंशन कल्याण संघों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह घोषणा की।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने वर्तमान कार्यकाल में कर्मचारियों को 2454.88 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ दिए हैं। सरकार ने इस अवधि के दौरान पेंशनरों को 970 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ दिए हैं। पेंशनरों की शिकायतों के निवारण के लिए पेंशनरों की संयुक्त सलाहकार समिति का गठन उनके कार्यकाल में ही सुनिश्चित हुआ है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 90 वर्षीय पेंशनर तारा गुप्ता सहित वरिष्ठ नागरिकों और अन्य पेंशनरों को भी सम्मानित किया।

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सभी पेंशनर सीएम वीरभद्र के साथ: अग्निहोत्री

hike in pension from new year: virbhadra singh

सीएम वीरभद्र सिंह से पेंशनरों की लंबे समय से चली आ रही अतिरिक्त पेंशन की बड़ी मांग मनवाते हुए उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सभी पेंशनर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ हैं। पेंशनरों के सहयोग से आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में प्रदेश का तीव्र विकास सुनिश्चित बनाया है।

कल्याणकारी नीतियों और कार्यक्रमों से समाज का हर वर्ग लाभान्वित हुआ है। पेंशनर कल्याण संघ के अध्यक्ष एचआर वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए संघ की विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। पेंशनर संघ के जिलाध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया। पेंशनर संघ के महासचिव हरिचंद गुप्ता ने पूरी कार्रवाई का संचालन किया और धन्यवाद प्रस्तुत किया। 

नए उद्योग तीन साल तक इंस्पेक्टरी राज से मुक्त

hike in pension from new year: virbhadra singh

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि स्टार्ट-अप उद्योगों को तीन साल तक इंस्पेक्टरी राज से मुक्त किया गया है। उन्हें तीन साल तक कर में भी छूट दी गई है। स्टार्ट-अप इकाई की ओर से स्वयं सत्यापन प्रमाणपत्र स्वीकार किए जाएंगे, जिससे वे स्वतंत्र माहौल में उद्योग स्थापित कर सकें और औपचारिकताएं उद्यम में बाधा न बन सकें। उद्योगों में नए प्रयोग, नवाचार और उद्यम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप नवाचार परियोजना का शुभारंभ किया। 

कहा कि प्रदेश में ऐसी शिक्षा प्रणाली को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें स्वतंत्र और उद्योगों के समन्वयन से विकास को नई दिशा दी जा सके। उद्योगों में प्रयोग और नवाचार के प्रोत्साहन को प्रयोगशाला इन्क्यूबेटर स्थापित करने के लिए 30 लाख रुपये प्रति इन्क्यूबेटर संस्थान को प्रतिवर्ष तीन साल तक उपलब्ध करवाए जाएंगे। 

वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उद्योग स्थापित करने को एकल खिड़की व्यवस्था और सुदृढ़ की गई है। इसमें अभी तक 13262 करोड़ के निवेश की 283 परियोजनाओं को स्वीकृत किया है। इससे प्रदेश में 26680 युवाओं को रोजगार मिलेगा। नई उद्योग स्टार्ट-अप परियोजनाओं पर केवल तीन प्रतिशत स्टांप शुल्क लगाया जाएगा। उन्हें भूमि भी उद्योग विभाग की ओर से निर्धारित दरों से 50 प्रतिशत कम पर उपलब्ध करवाई जाएगी।

बोले, स्टार्ट-अप इकाई स्वयं सत्यापन प्रमाणपत्र स्वीकार करेंगे, ऑनलाइन कर सकेंगे आवेदन

hike in pension from new year: virbhadra singh

उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे उद्योग लगाने की सुविधा के राष्ट्रीय पैमाने में हिमाचल प्रथम 10 अग्रणी राज्यों में शुमार हो सके। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बद्दी में दो दिवसीय निवेशक मीट बजट सत्र के बाद करवाई जाएगी। स्टार्ट-अप इकाई स्थापित करने के लिए उद्योग विभाग को ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

योजना की घोषणा मुख्यमंत्री के बजट भाषण में थी। इसे अमलीजामा पहनाया गया है। निदेशक उद्योग विभाग राजेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी तथा अन्य महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों को स्टार्ट-अप योजना से जोड़ा जा रहा है, जहां स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेटर जैसी व्यवस्था भी मौजूद है। इस दौरान प्रधान सचिव उद्योग आरडी धीमान, प्रधान सलाहकार उद्योग राजेंद्र चौहान और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

इनकी चले तो मेरे खिलाफ आर्मी-एयरफोर्स भी लगा दें: वीरभद्र

hike in pension from new year: virbhadra singh

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा- अनुराग ठाकुर और अरुण जेटली एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं। हिमाचल सरकार ने एचपीसीए के खिलाफ कार्रवाई की तो उसी के बदले में दोनों ने मेरे खिलाफ ये षड्यंत्र रचा है। आपने कहीं सुना है कि आयकर का मामला तीन-तीन जांच एजेंसियां देख रही हैं। उनकी चलती तो फौज को भी लाते। आर्मी को भी लाते और एयरफोर्स को को भी। सीएम ने यह बात शनिवार को पीटरहॉफ शिमला के बाहर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कही। 

कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रदेश में फिर से कामयाब होगी। किसी तरह का षड्यंत्र कामयाब नहीं होगा। शीत सत्र पर कहा कि ये वैसे ही चलेगा, जैसे पिछले चलते रहे हैं। किसी भी सत्र में विपक्ष ने सहयोग नहीं किया है। जबसे प्रेमकुमार धूमल विपक्ष के नेता बने हैं या तो वे अपने सदस्यों को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं या उनकी शह पर वे ऐसा कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री बोले- उन्होंने गतिरोध पैदा करने के लिए कोई बयान दिया है। वे लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। जान-बूझकर ऐसे गतिरोध कोई सरकार नहीं चाहती है। हर सरकार सदन को चलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जो भी कहना हो, उसे शांति से कहना चाहिए। शोर-शराबे से तो प्रजातंत्र मजबूत नहीं होता। 

जितने बडे़ टैक्स एवेडर्स हैं वो मोदी जी के इर्द-गिर्द ही: वीरभद्र

hike in pension from new year: virbhadra singh

नोटबंदी के बाद टैक्स चोरी करने वाले को छूट देने के सवाल पर सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि जितने बड़े टैक्स एवेडर्स हैं वे तो मोदी जी के ही इर्द-गिर्द घूमते हैं। बडे़-बड़े उद्योगपति कोई महाराष्ट्र में है और कोई गुजरात में है। हिमाचल में कौन है? जहां तक इससे आतंकवाद के  रुकने की बात की जा रही है। इस पर वे सवाल करते हैं कि टेररिज्म क्या हिंदुस्तान के पैसे से हो रहा है। 

इसे फाइनेंस करने वाले तो कोई और बैठे हैं।  इनको हमारी आर्थिक नीतियों से कोई असर नहीं पड़ता है। हमारे बॉर्डर आज भी चल रहे हैं।  इंदिरा गांधी ने विमुद्रीकरण पर चर्चा के बाद अगर फैसला नहीं लिया। उन्होंने समझदारी का काम किया। इससे कोई लाभ नहीं हुआ। काला धन खत्म किया जाना चाहिए, मगर इस तरीके से करना चाहिए कि इससे आम आदमी पर असर न हो। लोगों को पैसा नहीं मिल रहा है।

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