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Shimla: धर्मशाला के खनियारा में बादल फटने से बह गए प्रोजेक्ट के मजदूरों की मौत पर हाईकोर्ट का संज्ञान
Thu, 10 Jul 2025 12:41 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 10 Jul 2025 12:41 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने धर्मशाला के खनियारा स्थित इंद्र प्रियदर्शिनी जलविद्युत परियोजना में बादल फटने से मजदूरों की मौत पर स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने मजदूरों को मिलने वाले लाभों और आवास के संबंध में भी गंभीरता दिखाई है।
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खनियारा में बादल फटने से हुई तबाही।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने धर्मशाला के खनियारा स्थित इंद्र प्रियदर्शिनी जलविद्युत परियोजना में बादल फटने से मजदूरों की मौत पर स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने मजदूरों को मिलने वाले लाभों और आवास के संबंध में भी गंभीरता दिखाई है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की अदालत ने यह संज्ञान एक जनहित याचिका पर लिया है। खंडपीठ ने इस मामले में सरकार सहित अन्य विभागों को नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने इस संबंध में एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।
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जनहित याचिका में गंभीर मुद्दे उठाएं गए हैं कि जान गंवाने वाले मजदूरों को क्या लाभ दिए जाने चाहिए । पत्र में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया है कि मजदूरों के क्वार्टर निचले स्तर पर स्थित होने की वजह से और बादल फटने से उनकी मौत हुई है। याचिका में पत्र के माध्यम से केंद्रित किया गया है कि क्या मजदूरों के आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कोई चूक हुई थी। अदालत के ध्यान में यह मामला पत्र के माध्यम से रविंद्र सिंह रवि राज्य महासचिव टीयूसीसी और सदस्य, एचपी बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर ने लाया।
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