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हाईकोर्ट ने ठुकराई पंचायत चुनाव तिथियों पर रोक की याचिका
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 30 Nov 2015 09:36 PM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट में पंचायतीराज चुनावों को लेकर दायर
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याचिकाओं पर सुनवाई सात दिसंबर तक टल गई है। प्रार्थियों ने अंतरिम आदेशों
की मांग करते हुए याचिकाओं के निपटारे तक दूसरे चरण के लिए तय की जाने
वाली चुनाव तिथियों की घोषणा पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी।
कोर्ट ने प्रार्थियों की इस मांग को ठुकरा दिया है। हालांकि, एक मामले में जिसमें हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पारित किए थे, उसे मंगलवार को सुनवाई के लिए रखा है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने इन मामलों में जवाब दायर करने के लिए सरकार को तीन दिन का समय दिया। उल्लेखनीय है कि प्रार्थियों ने नगर परिषदों में लॉटरी से सीटों को आरक्षित करने पर आपत्ति दर्ज कराई है।
जबकि पंचायतों में आरक्षण रोस्टर प्रणाली को सख्ती से न अपनाने की बात की है। कुछ मामलों में गलत ढंग से पंचायतों का परिसीमन करने को याचिका का आधार बनाया गया है। हाईकोर्ट में इस तरह के मामलों की संख्या पचास के करीब है। इन मामलों पर सुनवाई अब सात दिसंबर को होगी।
कोर्ट ने प्रार्थियों की इस मांग को ठुकरा दिया है। हालांकि, एक मामले में जिसमें हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पारित किए थे, उसे मंगलवार को सुनवाई के लिए रखा है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने इन मामलों में जवाब दायर करने के लिए सरकार को तीन दिन का समय दिया। उल्लेखनीय है कि प्रार्थियों ने नगर परिषदों में लॉटरी से सीटों को आरक्षित करने पर आपत्ति दर्ज कराई है।
जबकि पंचायतों में आरक्षण रोस्टर प्रणाली को सख्ती से न अपनाने की बात की है। कुछ मामलों में गलत ढंग से पंचायतों का परिसीमन करने को याचिका का आधार बनाया गया है। हाईकोर्ट में इस तरह के मामलों की संख्या पचास के करीब है। इन मामलों पर सुनवाई अब सात दिसंबर को होगी।