फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   High Court orders to take action against Guilty officers caught in Chamba illegal tree felling case

हिमाचल: चंबा अवैध पेड़ कटान मामले में नपेंगे दोषी अधिकारी, हाईकोर्ट ने दिए कार्रवाई करने के आदेश

Thu, 10 Aug 2023 07:49 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 10 Aug 2023 07:49 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने चंबा के चुराह में अवैध पेड़ कटान मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने विशेष टीम (एसआईटी) को आदेश दिए कि मामले की जांच 30 नवंबर 2023 तक पूरी की जाए। 

विज्ञापन
High Court orders to take action against Guilty officers caught in Chamba illegal tree felling case
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चंबा के चुराह में अवैध पेड़ कटान मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने विशेष टीम (एसआईटी) को आदेश दिए कि मामले की जांच 30 नवंबर 2023 तक पूरी की जाए। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने 7 दिसंबर को अनुपालना रिपोर्ट तलब की है।

विज्ञापन


याचिकाकर्ता कर्मचंद की ओर से जनहित में दायर याचिका का निपटारा करते हुए अदालत ने यह आदेश पारित किए। अदालत ने पाया कि इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। इसके अलावा शक्ति वन बीट में पेड़ों का अवैध कटान पाए जाने पर वन अधिनियम की धारा 32 और 33 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विज्ञापन


अदालत ने कहा कि इस याचिका का मकसद पूरा हो चुका है।बता दें कि अदालत ने पाया था कि 14 सूखे पेड़ों की स्वीकृति की आड़ में ठेकेदार झगड़ सिंह ने 57 हरे देवदार के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई है। वन विभाग ने शपथपत्र के माध्यम से अदालत को बताया गया था कि इस जुर्म के लिए ठेकेदार पर 16.67 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका में आरोप लगाया गया था कि चुराह वन मंडल के दायरे में आने वाले शक्ति जंगल में देवदार के पेड़ों पर अवैध रूप से कुल्हाड़ी चलाई गई है। इतना ही नहीं, काटे हुए पेड़ों के ठूंठों को जलाकर सुबूत मिटाने की कोशिश भी की गई थी।

 

वन स्टॉप सेंटरों के सीसीटीवी कैमरों की जानकारी तलब

 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने यौन अपराध पीड़िताओं के लिए बनाए गए वन स्टॉप सेंटरों में लगे सीसीटीवी कैमरे की जानकारी तलब की है। अदालत ने बाल विकास निदेशक को शपथपत्र के माध्यम से यह जानकारी अदालत के समक्ष पेश करने के आदेश दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 20 सितंबर को निर्धारित की है। राज्य सरकार ने यौन अपराध की शिकार पीड़िताओं के लिए हरेक जिले में वन स्टॉप सेंटर बनाया है। शीर्ष अदालत के आदेशों की अनुपालना में प्रदेश हाईकोर्ट ने जनहित याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट की ओर से समय- समय पर पारित आदेशों की अनुपालना करते हुए सरकार ने यह पहल की है। सुप्रीम कोर्ट ने भारत के सभी प्रदेशों और केंद्र शासित प्रदेशों में वन स्टॉप सेंटर स्थापित करने के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेशों में कहा था कि यौन शोषण की पीड़िता के साथ अछूत जैसा व्यवहार किया जाता है और उसे समाज से बहिष्कृत किया जाता है।

कई बार उसके परिवार वाले भी उसे घर में रखने से मना कर देते हैं। कड़वी सच्चाई तो यह है कि कई बार दुराचार के मामले को पीड़िता के परिवार वाले तथाकथित सम्मान की झूठी धारणाओं के कारण दर्ज नहीं करवाते हैं। बात यहीं खत्म नहीं होती, मामला दर्ज होने के बाद पुलिस भी अकसर पीड़िता से आरोपी की तरह सवाल करती है।

अदालत में पीड़िता को एक कठोर जिरह के अधीन गुजरना पड़ता है, जिसमें पीड़िता की नैतिकता और चरित्र के बारे में बहुत सारे सवाल उठाए जाते हैं। शीर्ष अदालत ने अभियोजन पक्ष से आशा की थी कि पीड़िता की जिरह एक निश्चित स्तर की शालीनता और सम्मान के साथ किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने यौन अपराध की शिकार पीड़िता की नैतिकता और चरित्र के सम्मान में आदेश दिए थे कि कोई भी व्यक्ति प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पीड़िता का नाम प्रकाशित नहीं कर सकता है।

उन मामलों में जहां पीड़िता की मृत्यु हो गई है या दिमाग खराब है, उसका नाम या उसकी पहचान नहीं होनी चाहिए। यौन अपराध से जुड़े मामलों पर दर्ज हुई प्राथमिकी ऑनलाइन न हो। नाबालिग पीड़िताओं की सुनवाई विशेष अदालत में हो। इन आदेशों की अनुपालना के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सभी प्रदेशों के हाईकोर्ट को जिम्मेवार ठहराया था।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed