हाईकोर्ट: छह माह में हटाने होंगे अवैध कब्जे
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वो छह महीनों के भीतर सरकारी भूमि पर सभी अवैध कब्जों को हटाए।
अदालत ने आईपीएच विभाग और बिजली बोर्ड को अवैध निर्माण के बिजली- पानी कनेक्शन तुरंत प्रभाव से काटने के आदेश दिए।
इसके साथ पंचायतों को उनके अधिकार क्षेत्र में सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को जिला वन अधिकारी के ध्यान में लाने को कहा है।
न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश तरलोक चौहान की खंडपीठ ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर सभी अवैध कब्जों को हटाने और अवैध रूप से उगाई गई फसलों और फलदार पेड़ों को नष्ट करने में आए खर्च को अवैध कब्जाधारी से वसूला जाए।
इन आदेशों की अनुपालना के लिए सभी जिला वन अधिकारी निजी तौर पर जिम्मेवार होंगे। शिमला जिला के जुब्बल तहसील निवासी कृष्ण चंद की ओर से मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने उक्त आदेश दिए।
सरकार ने सौंपी स्टेटस रिपोर्ट
इस मामले में प्रधान सचिव वन ने स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से अदालत को बताया कि 30.9.2014 तक प्रदेश भर में सरकारी भूमि पर 9612 अवैध कब्जे के मामले दर्ज किए गए हैं।
इनमें से 7009 मामलों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि 2603 मामलों पर कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। प्रधान सचिव वन ने अदालत को बताया कि 7009 अवैध कब्जों में से 3392 मामलों में अवैध कब्जों को हटा दिया गया है।
अदालत को यह भी बताया गया कि अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ 2513 एफआईआर दर्ज की गई है, जिन्होंने दस बीघे से अधिक सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया है।