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वीरभद्र के आयकर मामले में कोर्ट ने दिए ये आदेश

Wed, 19 Nov 2014 09:22 AM IST
Updated Wed, 19 Nov 2014 09:22 AM IST
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high court order to give record of virbhadra income tax case.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के इनकम टैक्स के मामलों को जांच के लिए शिमला से चंडीगढ़ भेजने के आयकर आयुक्त शिमला के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रतिवादी इनकम टैक्स विभाग से तमाम रिकार्ड तलब किया है।

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मामले की आगामी सुनवाई 24 नवंबर को निर्धारित की गई है। पिछली सुनवाई के दौरान आयकर विभाग ने प्रारंभिक आपत्ति उठाई थी कि वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के आयकर मामलों को जांच के लिए शिमला से चंडीगढ़ भेजने के इनकम टैक्स कमिश्नर के आदेशों की अनुपालना कर दी गई है।
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इसलिए अब प्रार्थियों की तरफ से दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया जाए। अदालत ने विभाग की इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा था कि प्रार्थी ने विभाग के आदेश को असंवैधानिक बताया है, जिसे याचिका में दिए तथ्यों के आधार और मेरिट पर सुनवाई के बिना नहीं सुलझाया जा सकता।

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कोर्ट ने लगाई थी रोक

high court order to give record of virbhadra income tax case.

हाई कोर्ट ने चार अगस्त को आयकर आयुक्त शिमला की तरफ से जारी 25 जून 2014 के कारण बताओ नोटिस और 14 जुलाई 2014 के आदेशों पर रोक लगा दी थी, जिसके तहत वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों से संबंधित आयकर के मामलों को जांच के लिए शिमला से चंडीगढ़ भेजने के आदेश पारित किए गए थे।

आयुक्त ने आदेश में कहा कि प्रार्थियों की आय नाटकीय तरीके से बढ़ी है। वर्ष 2009 से 2012 तक दायर की गई रिटर्न में भी अनियमितताएं हैं। इनमें मुख्यत: वकामुल्ला चंद्रशेखर से लिया गया ऋण बीमा कंपनी में निवेश किया है। यह जिक्र आयकर रिटर्न में नहीं है।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पत्नी प्रतिभा सिंह, पुत्र विक्रमादित्य, पुत्री अपराजिता कुमारी, प्रोप्राइटर चुनी लाल चौहान और केयर टेकर आनंद चौहान ने इनकम टैक्स कमिश्नर शिमला के पारित आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में आरोप है कि इन मामलों की संयुक्त जांच शिमला में भी की जा सकती है। यह आदेश केवल प्रार्थियों को परेशान करने वाला है।

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