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मानहानि मामले में समझौते की गुंजाइश की संभावनाएं तलाशे वीरभद्र-धूमल: कोर्ट

Thu, 11 Jul 2019 11:53 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 11 Jul 2019 11:53 AM IST
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high court on Virbhadra and prem kumar Dhumal defamation cases hearing

प्रदेश हाईकोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल के बीच चल रहे मानहानि के मामले में सुनवाई नौ सितंबर के लिए टल गई। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अगर दोनों पक्षों में समझौते की गुंजाइश है तो इनसे आशा की जाती है कि वे आपस में कारगर कदम उठाते हुए इसकी संभावनाओं को तलाशे।मामले पर सुनवाई न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर के समक्ष हुई। कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को अदालत में उपस्थित रहने के आदेश दिए थे। वीरभद्र सिंह की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वीरभद्र सिंह बीमारी के कारण पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती हैं और उन्हें दो महीने के बेड रेस्ट की सलाह दी गई है। न्यायालय ने इस वक्तव्य के बाद मामले पर सुनवाई नौ सितंबर के लिए निर्धारित कर दी।

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मामले के अनुसार वीरभद्र सिंह ने वर्ष 2014 में अरुण जेटली व प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी शिमला के समक्ष आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया था। हालांकि वीरभद्र सिंह ने 27 मई 2014 को अरुण जेटली के खिलाफ शिकायत को वापस ले लिया था। 26 सितंबर 2014 को सीजेएम शिमला ने वीरभद्र सिंह के आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए प्रेम कुमार धूमल को समन जारी किए थे। धूमल ने इन आदेशों को रिवीजन याचिका के माध्यम से सेशन जज शिमला के समक्ष चुनौती दी।
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सेशन जज शिमला ने सीजेएम के समक्ष दायर शिकायत का सारा रिकॉर्ड मंगवा लिया और धूमल की याचिका पर सेशन कोर्ट से फैसला आना बाकी है। इस बीच वीरभद्र सिंह की ओर से सीजेएम शिमला की अदालत के समक्ष एक आवेदन दायर कर 26 सितंबर 2014 के आदेशों में क्लेरिकल गलती को ठीक करने का आवेदन किया जिसमें गलती से प्रेम कुमार धूमल की जगह अरुण सिंह धूमल लिखा गया था। सीजेएम शिमला ने 20 जून 2017 को आदेश पारित कर वीरभद्र के गलती सुधार के आवेदन का निपटारे करने के लिए सेशन कोर्ट से मामले का रिकॉर्ड वापस मंगवा लिया। 

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