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हाईकोर्ट के आदेश, डीसी खत्म करवाएं प्रोजेक्ट की हड़ताल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 29 Jun 2016 10:07 AM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट
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प्रदेश हाईकोर्ट ने शौंगटोंग कड़छम हाइडल प्रोजेक्ट वर्कर यूनियन और प्रदेश पावर कारपोरेशन के बीच बीते लंबे समय से चल रहे विवाद का आपसी समझौते से निपटारा करवाने के लिए उपायुक्त किन्नौर को निर्देश जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किए।
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि शौंगटोंग प्रोजेक्ट निर्माण का काम पावर कॉरपोरेशन ने शुरू किया। निर्माण कार्य के लिए काफी संख्या में मजदूरों को तैनात किया गया। कारपोरेशन ने निर्माण कार्य पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड को दिया। इस कंपनी ने काम करने के लिए सब कांट्रेक्टर तैनात कर दिया।
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प्रार्थी यूनियन ने आरोप लगाया कि श्रमिकों के संरक्षण में बनाए गए अधिनियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। मजदूरों को वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा। यूनियन ने लेबर आफिसर को भी अपना मांगपत्र सौंपा था। लेबर आफिसर ने 13 मार्च 2016 को इस बाबत बैठक भी रखी। जिसमें श्रमिकों को साढे़ तीन महीने के वेतन का भुगतान करने का फैसला लिया गया।
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लेकिन इस फैसले के बावजूद भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया। इस कारण 17 मार्च से श्रमिकों ने हड़ताल शुरू कर दी। उपायुक्त किन्नौर ने धारा -144 लगा रखी है। यूनियन ने धारा- 144 हटाने के लिए याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष गुहार लगाई है। इसके अलावा श्रमिकों का वेतन देने की मांग भी यूनियन ने की। मामले पर आगामी सुनवाई 26 जुलाई को होगी।