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जल्दबाजी में हुई पदोन्नति कोटा बढ़ाने की घोषणा : वीरेंद्र चौहान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 25 Nov 2018 12:13 PM IST
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हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ ने मुख्य अध्यापकों से प्रधानाचार्य के पदोन्नति कोटे को 50:50 से 60:40 किए जाने को जल्दबाजी में की गई घोषणा करार दिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव नरेश महाजन ने कहा है कि इस घोषणा को करने से पहले अन्य अध्यापक संगठनों को भी विश्वास में लेना चाहिए था।उन्होंने कहा कि बिना वित्तीय लाभ के तो पहले भी सीनियर प्रवक्ता एवं पीजीटी कार्यवाहक प्रधानाचार्य होता है।
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ज्यादातर स्कूलों में आहरण एवं वितरण अधिकारी की शक्तियां भी पहले से इनके पास है। उन्होंने कहा इसमें कोई नई बात नहीं हुई। यदि नया पद सृजित कर वित्तीय लाभ सहित उप प्रधानाचार्य बनाए जाते तो कम से कम किसी वर्ग को कुछ लाभ जरूर होता। संघ ने प्रवक्ता पद नाम की बहाली, सभी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में उप प्रधानाचार्य के पद सृजित और और 25 फीसदी से कम
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परीक्षा परिणाम देने संबंधी अधिसूचना की वापस लेने का स्वागत किया है। संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि इस बाबत जल्द अधिसूचना जारी होनी चाहिए। उन्होंने शंका जताते हुए कहा कि कहीं इस घोषणा का परिणाम भी पूर्व में राजकीय अध्यापक संघ के साथ हुई शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव की बैठक जैसा न हो। पूर्व में दिए गए सभी आश्वासन मौखिक घोषणाएं बनकर ही रह गई हैं।
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