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Herbal Garden: औषधीय पौधों की सुगंध से महकेंगे हिमाचल के धार्मिक और पर्यटन स्थल
Sun, 17 Sep 2023 10:38 AM IST
Krishan Singh
योगेंद्र अग्रवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, ददाहू (सिरमौर)
योगेंद्र अग्रवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, ददाहू (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 17 Sep 2023 10:38 AM IST
सार
प्रदेश में 51 हर्बल गार्डन स्थापित करने की योजना परवान चढ़ने लगी है। आयुष विभाग ने हर्बल गार्डन स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी है।
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रेणुकाजी तीर्थ में यहां बनेगा हर्बल गार्डन।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटक स्थल जल्द औषधीय पौधों की सुगंध से महकेंगे। प्रदेश में 51 हर्बल गार्डन स्थापित करने की योजना परवान चढ़ने लगी है। आयुष विभाग ने हर्बल गार्डन स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी है। इन स्थलों पर पार्क विकसित करने का जिम्मा सरकार ने आयुष विभाग को सौंप दिया है। सिरमौर जिले में यह पार्क दो स्थानों पर बनाए जाएंगे, जिनमें त्रिलोकपुर स्थित महामाया बालासुंदरी मंदिर और रेणुकाजी तीर्थ के परशुराम मंदिर के समीप इन पार्कों को विकसित किया जाएगा।
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रेणुकाजी तीर्थ में हर्बल गार्डन स्थापित करने के लिए रेणुकाजी विकास बोर्ड ने आयुष विभाग को स्वीकृति (एनओसी) दे दी है। रेणुकाजी के नवीन मंदिर परिसर के समीप करीब 10 बिस्वा भूमि पर हर्बल गार्डन को स्थापित किया जाएगा।परशुराम मंदिर के समीप खाली पड़ी यह भूमि रेणुकाजी मेले के आयोजन के दौरान ही इस्तेमाल में लाई जाती है। शेष दिनों इस भूमिका को इस्तेमाल नहीं किया जाता। लिहाजा, इस भूमि पर औषधीय पौधे लगाने के लिए बोर्ड ने दे स्वीकृति दी है।
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रेणुकाजी विकास बोर्ड के कार्यवाहक सीईओ एवं तहसीलदार ददाहू राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि आयुष विभाग की ओर से जगह का चयन करने के बाद इस भूमि पर हर्बल गार्डन स्थापित करने की एनओसी आयुष विभाग को दे दी गई है। उधर, आयुष विभाग के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शरदचंद्र त्रिवेदी ने बताया कि हर्बल गार्डन के लिए यह भूमि उपयुक्त है। इस भूमि पर शीघ्र ही औषधीय पौधों को विकसित करके सरकार के निर्देशों के अनुसार हर्बल गार्डन को विकसित किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटकों की आमद में इजाफा होगा, बल्कि धार्मिक स्थलों पर घूमने आने वाले लोगोंं को भी विभिन्न वनस्पतियों की जानकारी हासिल होगी। ऐसे औषधीय गुणों वाले पौधों के लाभ पट्टिकाओं के माध्यम से दर्शाए जाएंगे।
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हर्बल पार्क के संरक्षण और रखरखाव की तमाम जिम्मेदारी आयुष विभाग की रहेगी, लेकिन इनका निर्माण केवल धार्मिक स्थलों से जुड़े ट्रस्ट और बोर्ड में ही किया जाएगा। जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजन सिंह ने बताया कि त्रिलोकपुर में चार बिस्वा और रेणुकाजी में करीब 10 बिस्वा भूमि पर हर्बल पार्क स्थापित किए जाएंगे। इसको लेकर भूमि का चयन करके संबंधित बोर्ड और ट्रस्ट से स्वीकृति मिल गई है। शीघ्र ही यहां हर्बल गार्डन बनाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा।