Shimla: परिमहल इलाके की जीवणु कॉलोनी में सड़क धंसी, तीन बहुमंजिला भवनों को खतरा, देखें वीडियो
शिमला के कसुम्पटी वार्ड की जीवणु काॅलोनी सड़क पर सात महीने पहले पड़ीं दरारें नगर निगम नहीं भर पाया।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कसुम्पटी वार्ड की जीवणु काॅलोनी सड़क पर सात महीने पहले पड़ीं दरारें नगर निगम नहीं भर पाया। अब भारी बारिश के चलते शुक्रवार सुबह करीब 10:00 बजे धमाके के साथ सड़क का करीब 12 मीटर हिस्सा धंस गया। मलबा निचली ओर बने दो मंजिला मकान पर पहुंच गया। इसके अलावा सड़क धंसने से ऊपरी तरफ बने दो और मकानों को भी खतरा पैैदा हो गया है। निचली तरफ मकान को खाली करवाया जा रहा है। वहीं सड़क धंसने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। देखा तो सड़क का आधे से ज्यादा हिस्सा टूट चुका था। इसका मलबा निचली ओर बने मकान पर गिर रहा था। इस मकान में रह रहे दो किरायेदार परिवार भी बाहर की ओर दौड़े। गनीमत यह रही कि मलबे से इस मकान का लेंटर नहीं टूटा जिससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। सड़क धंसने से इसके ऊपरी यानि पहाड़ी की तरफ बने दो बहुमंजिला भवनों को भी खतरा पैदा हो गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पार्षद रचना शर्मा भी मौके पर पहुंची। इसके बाद नगर निगम को भी सूचना दी गई। पार्षद के अनुसार जिस मकान पर मलबा गिरा है, उसमें दो किरायेदार परिवार रहते हैं। इन्हें एहतियात के तौर पर यहां न रहने को कहा है। इसे खाली करवाया जा रहा है। ऊपरी तरफ बने मकानों को खतरा न हो, इसके लिए यहां तिरपाल लगा दिए हैं। मौके पर डंगा धंस गया है जिससे जीवणु काॅलोनी सड़क भी आवाजाही के लिए बंद हो गई है।
सात माह पहले पड़ चुकी थीं दरारें
स्थानीय लोगों ने बताया कि सात महीने पहले ही इस सड़क पर दरारें आ चुकी थीं। इस बारे में पार्षद को बताया था। पार्षद ने इसका प्रस्ताव बनाकर नगर निगम को भेजा लेकिन निगम ने इसके टेंडर में ही कई महीने लगा दिए। निगम ने जून में इसका टेंडर लगाया लेकिन फिर काम शुरू नहीं किया। अब जब सड़क धंसी तो ठेकेदार भी मौके पर पहुंच गया। लोगों ने कहा कि यदि समय से डंगा लगाते तो सड़क और मकानों को खतरा न होता। सड़क धंसने से वीके मेहता के भवन को भी खतरा पैदा हो गया है। कई महीने से इस सड़क पर दरारें थीं। पार्षद रचना शर्मा ने कहा कि उन्होंने कई महीने पहले इसका प्रस्ताव निगम को भेज दिया था। जून में इसका काम ठेकेदार को अवार्ड हुआ है लेकिन बारिश के चलते अभी काम शुरू नहीं कर पाए। कहा कि मौके पर तिरपाल लगा दिए गए हैं ताकि और नुकसान न हो।
शहर में अब तक 12 भवनों को खतरा
उपमहापौर उमा कौशल ने कसुम्पटी में हुए भूस्खलन की अधिकारियों और स्थानीय पार्षद से रिपोर्ट ली। निर्देश दिए कि मौके पर राहत कार्य जल्द शुरू किए जाएं। यदि तिरपाल की जरूरत है तो इसे मुहैया करवाया जाए।
शहर में भारी बारिश के चलते अब तक 12 भवनों पर खतरा मंडरा चुका है। भूस्खलन से इनकी नींव खोखली हो चुकी है। पंथाघाटी, मैहली और कसुम्पटी क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इन इलाकों में ही आधा दर्जन भवनों के पास भूस्खलन हो चुका है।
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