सनवारा के पास टोल फीस वसूली मामले पर सुनवाई तीन जून तक टली
टोल प्लाजा 19 अप्रैल को शुरू हुआ था। टोल प्लाजा को परवाणू से शिमला तक फोरलेन पूरा होने पर स्थापित किया जाना था, लेकिन फोरलेन का कार्य अभी पहले चरण में चंबाघाट तक का ही पूरा हुआ है।
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परवाणू-शिमला फोरलेन पर सनवारा टोल प्लाजा पर हो रही टोल फीस वसूली संबंधित याचिका पर सुनवाई गुरुवार तक टल गई है। बुधवार को हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष इस मामले पर सुनवाई होनी थी। लेकिन वरिष्ठ अधिवक्ता और हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा के आकस्मिक निधन के कारण कोर्ट कार्य बुधवार को बाधित रहा। याचिकाकर्ता के अनुसार सनवारा टोल प्लाजा पर ली गई फीस गैरकानूनी है। उल्लेखनीय है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से सनवारा में स्थापित टोल प्लाजा पर 19 अप्रैल से टोल लेना शुरू किया गया था। मामले की अगली सुनवाई अब वीरवार को होगी।
सनवारा में दूसरे दिन भी नहीं हुई टोल की वसूली
कालका-शिमला एनएच पांच पर बने फोरलेन के पहले टोल प्लाजा पर बुधवार को भी टोल इकट्ठा नहीं हुआ। कोर्ट में दो जून को होने वाली सुनवाई तीन जून तक टल जाने के बाद यहां पर दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, वाहन चालकों ने टोल नहीं लगने से काफी हद तक राहत की सांस ली। हालांकि, कई वाहन चालकों को इसका पता न होने के चलते वह बूथ पर रुके रहे।
दरअसल कालका-शिमला नेशनल हाइवे-05 पर मंगलवार को करीब 42 दिन बाद शाम करीब पौने चार बजे के बाद सफर सस्ता हुआ। सनवारा में लगे टोल प्लाजा पर आगामी आदेशों तक टोल एकत्र नहीं होगा। मंगलवार को सनवारा टोल पर अधिक वसूली को लेकर सुनवाई पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने टोल वसूली रोकने के आदेश दिए थे। हालांकि, यह सुनवाई दो जून को होनी थी। लेकिन अब यह तीन जून तक टल गई है।
देखरेख के लिए तैनात हैं तीन कर्मी
सनवारा टोल प्लाजा पर आगामी आदेशों तक टोल क्लेक्शन नहीं होने के बाद यहां पर कंपनी ने देखरेख के लिए तीन लोग तैनात किए हैं, जो यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को जानकारी दे रहे हैं। शिमला, सोलन, धर्मपुर और बाहरी राज्यों से आने वाले सैकड़ों वाहन बिना टोल देकर गुजरे हैं।