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राहत की बात: दो साल बाद जिले में कोरोना का एक भी नया केस नहीं
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शिमला। जिले में करीब दो साल कोरोना का अभी नया मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले में 147 सैंपल लिए थे। रविवार को सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। हालांकि, जिले में अभी भी कुल 27 एक्टिव मामले हैं। जिला निगरानी ऑफिसर डॉ. राकेश भारद्वाज ने इस बात की पुष्टि की है।
21 मार्र्च 2020 को पूरे देश भर में लॉकडाउन लगा था। शिमला में मई महीने में कोरोना के मामले सामने आने शुरू हो गए थे। तब से लेकर अब तक जिला में कोरोना के कुल 35651 मामले सामने आ चुके थे। वहीं इनमें 34904 मरीज बीमारी से ठीक हो चुके हैं। वहीं शिमला के 471 मरीजों की इस बीमारी से मौत हुई है। जबकि 249 मृतक वे है जोकि बाहर के रहने वाले थे। उधर, मौजूदा समय में कुल 27 एक्टिव केस हैं। इनमें शहरी क्षेत्र में छह और 21 ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। ---
आईजीएमसी में भी अब कोई कोरोना मरीज नहीं
शिमला। आईजीएमसी का मेकशिफ्ट अस्पताल भी कोरोना मरीजों से खाली हो गया है। आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कोरोना लहर में पहली मर्तबा अस्पताल में एक भी मरीज दाखिल नहीं है। बता दें कि पूर्व में अस्पताल के ई ब्लॉक को आईसोलेशन बनाकर वहां पर कोरोना मरीजों का उपचार चल रहा था। लेकिन मरीजों की संख्या घटने के बाद पिछले एक हफ्ते से भी अधिक समय से परिसर स्थित मेक शिफ्ट अस्पताल में इलाज चल रहा था। लेकिन अब ये भी खाली हो गया है। जिससे कि अस्पताल आने वाले मरीजों को कोरोना बीमारी का भय कम हो गया है। वहीं रविवार को शाम साढ़े सात बजे तक 244 मरीजों ने उपचार करवा चुके थे।
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21 मार्र्च 2020 को पूरे देश भर में लॉकडाउन लगा था। शिमला में मई महीने में कोरोना के मामले सामने आने शुरू हो गए थे। तब से लेकर अब तक जिला में कोरोना के कुल 35651 मामले सामने आ चुके थे। वहीं इनमें 34904 मरीज बीमारी से ठीक हो चुके हैं। वहीं शिमला के 471 मरीजों की इस बीमारी से मौत हुई है। जबकि 249 मृतक वे है जोकि बाहर के रहने वाले थे। उधर, मौजूदा समय में कुल 27 एक्टिव केस हैं। इनमें शहरी क्षेत्र में छह और 21 ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। ---
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आईजीएमसी में भी अब कोई कोरोना मरीज नहीं
शिमला। आईजीएमसी का मेकशिफ्ट अस्पताल भी कोरोना मरीजों से खाली हो गया है। आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कोरोना लहर में पहली मर्तबा अस्पताल में एक भी मरीज दाखिल नहीं है। बता दें कि पूर्व में अस्पताल के ई ब्लॉक को आईसोलेशन बनाकर वहां पर कोरोना मरीजों का उपचार चल रहा था। लेकिन मरीजों की संख्या घटने के बाद पिछले एक हफ्ते से भी अधिक समय से परिसर स्थित मेक शिफ्ट अस्पताल में इलाज चल रहा था। लेकिन अब ये भी खाली हो गया है। जिससे कि अस्पताल आने वाले मरीजों को कोरोना बीमारी का भय कम हो गया है। वहीं रविवार को शाम साढ़े सात बजे तक 244 मरीजों ने उपचार करवा चुके थे।
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