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स्वास्थ्य मंत्री बोले- 2030 तक एचआईवी से मुक्त होगा हिमाचल प्रदेश
Sun, 01 Dec 2019 07:36 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 01 Dec 2019 07:36 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि प्रदेश सरकार एचआईवी पीड़ित रोगियों की पहचान कर उन्हें उपचार सुविधा से जोड़ रही है। वर्ष 2030 तक हिमाचल को एचआईवी से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 तक 90 फीसदी एचआईवी पीड़ित रोगियों की पहचान कर उन्हें उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने यह जानकारी रविवार को पीटरहॉफ में राज्य स्तरीय एड्स दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान दी।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में 20 यौन रोग उपचार केंद्र हैं। इनमें रंगीन कीटों के माध्यम से रोगियों का उपचार किया जा रहा है। 15 गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम के 10 जिलों में उच्च जोखिमपूर्ण समूह के लिए लक्षित हस्तक्षेप परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। एड्स के साथ जी रहे व्यक्ति को एंटी रेट्रोवायरल दवाइयां एंटी रेट्रोवायरल केंद्रों से दी जा रही हैं।
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हिमाचल में 14 ब्लड बैंकों तथा 3 रक्त पृथ्वीकरण इकाइयां प्रदेश को सुरक्षित रक्त उपलब्ध करवा रही हैं। मंत्री ने पीटरहॉफ से जागरूकता रैली को भी रवाना किया। उन्होंने कहा कि रैली से शिमला शहर में एड्स के प्रति जागरूक किया जाएगा। रैली में शिमला के विभिन्न स्कूल, कॉलेजों व अन्य संस्थाओं के लगभग 1200 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। परमार ने राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी की प्रदर्शनी अवलोकन भी किया।
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निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने एड्स नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। एड्स जागरूकता से संबंधित प्रश्न भी छात्र-छात्राओं ने पूछे। संयुक्त निदेशक डॉ. आरके दरोच ने मुख्यातिथि का आभार जताया। कार्यक्रम में आईजीएमसी के प्राचार्य डॉ. मुकंद लाल, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज, मानसिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पाठक के अतिरिक्त राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।