फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   HAS naresh kumar interviewd by amar ujala

'एक इंटरव्यू ने बदल डाली मेरी जिदंगी'

Mon, 11 Aug 2014 11:59 AM IST
अमन पठानिया /अमर उजाला, कांगड़ा
अमन पठानिया /अमर उजाला, कांगड़ा Updated Mon, 11 Aug 2014 11:59 AM IST
विज्ञापन
HAS naresh kumar interviewd by amar ujala

अगर दिल में कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो कामयाबी के पीछे संसाधनों का अभाव और गरीबी कभी आड़े नहीं आती। 24 वर्ष की उम्र में ही एचएएस में चयनित होने वाले नरेश कुमार शर्मा की कामयाबी के रास्ते में भी ऐसी कई अड़चनें आईं, लेकिन कड़ी मेहनत की बदौलत अंतत: उन्हें सफलता मिल ही गई।

विज्ञापन


पिता निजी दुकान पर सेल्समैन थे, लेकिन नरेश ने धन के अभाव को अपनी कामयाबी के आड़े नहीं आने दिया। ग्रेजुएशन तक नरेश ने पढ़ाई स्कॉलरशिप के दम पर ही कर ली। 2012 से कांगड़ा में बतौर तहसीलदार सेवाएं दे रहे नरेश शर्मा (29) से अमर उजाला के संवाददाता अमन पठानिया ने विशेष वार्ता कर उनकी कामयाबी के बारे में जाना। पेश हैं वार्ता के मुख्य अंश....
विज्ञापन


नरेश : एचएएस बनने के लिए कैसे मेहनत की?
अमर उजाला: ग्रेजुएशन के बाद दिल्ली में लॉ की पढ़ाई करने के साथ आईएएस की तैयारी शुरू कर दी थी। तीन बार आईएएस का मेन भी दिया। फिर एचएएस में भाग्य आजमाने की ठानी। लॉ पूरी करने के बाद शिमला हाईकोर्ट में छह माह तक वकालत की।
विज्ञापन
विज्ञापन


वकालत के दौरान 2008 में एचएएस का टेस्ट दिया और 2009 में सेलेक्ट हो गया। पहली पोस्टिंग धर्मशाला में तहसीलदार पद पर हुई। अब वर्ष 2012 से कांगड़ा में तहसीलदार के पद पर सेवाएं दे रहा हूं।

नरेश: पढ़ाई का तरीका कैसा चुना?
अमर उजाला: दिल्ली में परीक्षा के लिए एनसीईआरटी की छठी से 12रवीं तक की किताबों में खूब मन लगाया। यह बेसिक नॉलेज के लिए था। इसके साथ ही कोचिंग भी ली। साथ ही इंटरनेट के जरिये भी पढ़ाई की।

नरेश: किससे मिली प्रेरणा
अमर उजाला: ग्रेजुएशन के बाद जब एक मैगजीन पढ़ रहा था तो उसमें आल इंडिया आईएएस की टॉपर रूपा मिश्रा के चयन के बारे में पढ़ा। इसके बाद कुछ करने की ललक जागी। आभास हुआ कि जब एक विवाहित महिला इस मुकाम पर पहुंच सकती है तो मैं क्यों नहीं। फिर क्या था कठिन मेहनत और आत्म विश्वास के साथ रूपा मिश्रा से प्रेरणा लेते हुए आज इस मुकाम पर हूं।


नरेश: युवाओं को क्या टिप्स देंगे?
अमर उजाला: आत्मविश्वास कुछ करने के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। अटल विश्वास और कठिन मेहनत से कोई भी मंजिल पाई जा सकती है। बशर्ते, उस मंजिल को पाने के लिए जुनून होना चाहिए। युवाओं को ऐसा जुनून मन में पालना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed