काफी रोचक है खट्टर का हिमाचल कनेक्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहली बार चुनाव जीतकर हरियाणा में मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे मनोहर लाल खट्टर का हिमाचल से गहरा नाता रहा है। 1996 से 2000 तक नरेंद्र मोदी हिमाचल भाजपा के प्रभारी थे। उनके पास पंजाब और हरियाणा की जिम्मेदारी भी थी। इस दौरान मनोहर लाल खट्टर हरियाणा में संगठन मंत्री थे। संघ प्रचारक के समय से ही मोदी के भरोसेमंद साथी रहे खट्टर का हिमाचल में भी भाजपा की सरकार बनाने में अहम योगदान रहा।
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल वर्ष 1998 में बनी भाजपा की सरकार में उनके योगदान को नहीं भूलते। धूमल बताते हैं कि इस चुनाव में कांग्रेस को 31 और भाजपा को 29 सीटें मिली थीं। हिविकां के पास 3 विधायक थे, ट्राइबल में चुनाव बाद में होना था। निर्दलीय जीते रमेश धवाला को पहले ही कांग्रेस ने अपने साथ मिलाकर शपथ ले ली थी।
जबरदस्ती की यह सरकार 19 दिन तक ही चली। इसी बीच, भाजपा को अपने विधायक छिपाने पड़े, क्योंकि खरीद-फरोख्त का डर था। ऐसे वक्त में 18 विधायकों को हरियाणा में अज्ञात स्थान पर रखने में मनोहर लाल खट्टर ने बहुत मदद की।
हिमाचल भाजपा ने चुकाया कर्ज
धूमल कहते हैं कि वर्षों से खट्टर
उनके मित्र हैं। सरल व्यक्ति हैं और सादा उनका जीवन है। हरियाणा को बहुत
अच्छा मुख्यमंत्री मिला है। हिमाचल में भाजपा को
2007 में दोबारा सत्ता में लाने में भी खट्टर मार्गदर्शक रहे। तब वह
हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के क्षेत्रीय प्रभारी थे। 2007 में हिमाचल भाजपा
अध्यक्ष रहे जयराम ठाकुर कहते हैं कि मुख्यमंत्री के रूप में मनोहर लाल
खट्टर का चयन सराहनीय फैसला है। उनका संगठन चलाने का अनुभव प्रशासनिक
कामकाज में भी काम आएगा।
वर्ष 1998 में
हिमाचल में धूमल सरकार बनवाने में सूत्र रहे मनोहर लाल खट्टर का ऋण प्रदेश
भाजपा की टीम ने हरियाणा में पहली बार भाजपा सरकार बनवाकर चुकाया। हरियाणा
में राजीव बिंदल चुनाव प्रबंधन देख रहे थे तो मंडी से प्रवीण शर्मा मीडिया
प्रभारी थे। हिमाचल भाजपा को 5 जिलों के 18 विधानसभा क्षेत्र दिए गए थे। इन
पांच जिलों के लिए संगठन मंत्री पवन राणा ने धूमल के पूर्व ओएसडी संजीव
कटवाल, शिशुभाई धर्मा, राकेश शर्मा बबली, सूरत नेगी और पुरुषोतम गुलेरिया
को भेजा। ये टीम झंडे गाड़कर लौटी। 18 में से 14 सीटें भाजपा ने जीतीं।