फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Harad farming by College of Horticulture and Forestry Neri Hamirpur

सेहत व आमदनी के लिए वरदान बना हरड़, बाजार में मिल रहे अच्छे दाम

Sun, 14 Feb 2021 12:39 PM IST
अरविन्द ठाकुर प्रवीण कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
प्रवीण कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 14 Feb 2021 12:39 PM IST
विज्ञापन
Harad farming by College of Horticulture and Forestry Neri Hamirpur
डॉ. कमल शर्मा, डीन, डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी  - फोटो : अमर उजाला

डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी की ओर से हरड़ पर किए गए शोध के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। महाविद्यालय ने हरड़ के पौधों पर ग्राफ्ट कर पांच अलग-अलग प्रकार की किस्में तैयार की हैं। हरड़ की खेती उन क्षेत्रों में काफी फायदेमंद है, जहां अत्यधिक गर्मी और सिंचाई सुविधा की कमी हो। बंदर हरड़ को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।

विज्ञापन


सर्दियों में कोहरे का भी इस पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता। इसे लंबे समय तक सूखाकर रखा जा सकता है। इसके भंडारण में कोई समस्या नहीं। गेहूं और मक्की के अलावा यह नकदी फसल का अच्छा विकल्प है। संस्थान की ओर से करीब 12 वर्ष पहले लगाए गए पौधों पर हरड़ की फसल तैयार हो गई है। हरड़ के बाजार में अच्छे दाम मिल रहे हैं। यह फसल बाजार में हाथोंहाथ बिक रही है। 
विज्ञापन


स्थानीय किसानों की ओर से तैयार किया गया हरड़ बाजार में 30 से 35 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। कई किसानों ने उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी से पौधे लेकर दो से तीन कनाल भूमि पर हरड़ की खेती कर 40 से 50 हजार रुपये की आमदन प्राप्त की है। संस्थान को भी तीन कनाल क्षेत्र में लगाए हरड़ के पौधों पर तैयार फसल बेचकर 35 हजार रुपये की आय हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


औषधीय गुणों से भरपूर है हरड़
हरड़ औषधीय गुणों से भरपूर है। कब्ज, दिल, लिवर, फेफड़ों की बीमारी तथा खांसी-जुकाम के लिए बनाई जाने वाली आयुर्वेदिक दवाइयों में इसका इस्तेमाल होता है। 


संस्थान ने कुछ वर्ष पहले अपने बगीचे में हरड़ के 20 पौधे लगाए थे। इन्हें ग्राफ्ट कर पांच अलग-अलग किस्में तैयार की गई हैं। इससे अच्छी पैदावार शुरू हो गई है। हमीरपुर और कांगड़ा जिले के कुछ किसानों को भी पौधे उपलब्ध करवाए थे। इससे किसानों को अच्छी आमदन शुरू हो गई है। 
- डॉ. कमल शर्मा, डीन, डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed