मदद के लिए बढ़े हाथ: कई कर्मचारी संगठन देंगे सीएम राहत कोष में एक दिन का वेतन, एसजेवीएन कर्मियों ने दिए 55 लाख
प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से सभी 12 जिलों के अध्यापकों की ओर से अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लेते हुए अपना सहमति पत्र उन्हें सौंपा गया।
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हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक दिन का वेतन देने का फैसला लिया है। गुरुवार को संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधान जगदीश शर्मा तथा महासचिव संजय की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान से सचिवालय में मिलकर यह जानकारी दी। प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से सभी 12 जिलों के अध्यापकों की ओर से अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लेते हुए अपना सहमति पत्र उन्हें सौंपा गया। शिक्षा मंत्री और मीडिया सलाहकार ने इस पुनीत कार्य के लिए संघ के पदाधिकारियों और सभी प्राथमिक शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। अन्य स्वंयसेवी संस्थाओं तथा कर्मचारी संगठनों से अपील की कि वह मानवता के इस कार्य के लिए आगे आकर स्वेच्छा से दान दें ताकि वर्षा से प्रभावित लोगों की सहायता की जा सके। वहीं, हिमाचल पुलिस सेवा अधिकारियों की ओर से भी सीएम राहत कोष के लिए पांच लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री सुक्खू को भेंट किया गया।
एसजेवीएन कर्मियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 55 लाख रुपये
एसजेवीएन के कर्मचारियों ने स्वेच्छा से मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक दिन के वेतन के रूप में करीब 55,00,000 रुपये का अंशदान किया है। एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा ने बताया कि एक जिम्मेदार कारपोरेट निकाय के रूप में तथा हिमाचल प्रदेश में लगातार वर्षा एवं विनाशकारी बाढ़ की स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अंशदान का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि एसजेवीएन ऐसी विकट परिस्थितियों में समाज एवं सरकार का सहयोग करने में हमेशा अग्रणी रहा है। हिमाचल वर्तमान समय में भयंकर बाढ़ की चपेट में है, जिससे मानव जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है तथा हजारों लोग दूररदारज क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। अत्यधिक वर्षा एवं बादल फटने से बाढ़, भूस्खलन, घर एवं पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच भी बाधित हो गई है। बाढ़ राहत उपायों में सरकार के प्रयासों में सहायता करने के लिए एसजेवीएन हमेशा अग्रणी रहेगा।
हिम-आंचल पेंशनर्स संघ प्रदेश इकाई ने प्रदेशभर में भारी बारिश और बादल फटने की घटना से हुए नुकसान पर दुख जताया है। पेंशनर्स संघ के प्रदेशाध्यक्ष योगराज शर्मा ने कहा कि इस आपदा की घड़ी में संघ पीड़ित परिवारों के साथ है। संघ ने प्रदेशभर के पेंशनरों से अपील की है कि पीड़ित परिवारों की मदद के लिए अपनी पेंशन से एक दिन की राशि सहायता स्वरूप प्रदान करें। वहीं, संघ के पदाधिकारियों संस्थापक बीडी शर्मा, मुख्य संरक्षक रमेश भारद्वाज, महासचिव हरनाम सिंह, ओम राज कंवर, हमीरपुर के प्रधान केसी गौतम ने इच्छा जताई है कि प्रदेश सरकार पेंशनरों की जुलाई की पेंशन से यह राशि काटकर राहत कोष में डालकर पीड़ितों की मदद में इस्तेमाल करे।
बीडीओ और स्कूल प्रवक्ता मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे अपना एक दिन का वेतन
प्रदेश के सभी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और स्कूल प्रवक्ता मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक दिन का वेतन देंगे। खंड विकास अधिकारी एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में एक दिन का वेतन देने का निर्णय लिया है। साथ ही खंड विकास अधिकारी संघ ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री का आपदाग्रस्त लोगों की मदद करने के लिए मनरेगा से सहायता प्रदान करने के निर्णय का स्वागत किया। संघ ने विश्वास दिलाया है कि आम लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए बेहतर से बेहतर प्रयास किए जाएंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष कीर्ति चंदेल और अभिनीत कात्यायन ने बताया कि एसोसिएशन हमेशा से जनहित में खड़ी रही है और सरकार के निर्देशों पर जनहित के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। उधर, स्कूल प्रवक्ता संघ की ऑनलाइन बैठक वीरवार को संघ के प्रदेश अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्य रूप से प्रदेशभर में भारी बारिश के कारण आई आपदा के बारे में चर्चा की गई। सभी संघ सदस्यों ने कहा कि प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने पहाड़ी क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। बैठक में संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरज सागर, महासचिव संजीव ठाकुर, वित्त सचिव राकेश भड़वाल, प्रदेश मुख्य प्रेस सचिव प्रेम शर्मा, संगठन सचिव पवन, केदार रांटा ,राजपाल ठाकुर, प्रेमपाल कार्यकारिणी के वरिष्ठ पदाधिकारी व समस्त प्रवक्ता संघ के जिला अध्यक्षों एवं महासचिवों ने एक प्रस्ताव पास कर निर्णय लिया कि प्रदेश के प्रवक्ता अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने केंद्र सरकार से प्रदेश में हुई भारी क्षति की भरपाई के लिए दिल खोलकर प्रदेश की आर्थिक मदद करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल को अपना दूसरा घर मानते हैं और उनका हिमाचल से गहरा नाता रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण प्रदेश में अत्यधिक नुकसान हुआ है। इसमें लोगों के जानमाल की क्षति हुई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण सड़कों, पुलों और लोगों की निजी संपत्ति को 4,000 करोड़ रुपये से भी अधिक का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को दूरभाष कर उनसे हालात का जायजा लिया है। उन्होंने कहा कि कुल्लू, मनाली और लाहौल-स्पीति में फंसे 70 हजार लोगों में 60 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका और शेष फंसे 10 हजार लोगों को भी निकालने के भी प्रयास किए जा रहे हैं जिन्हें सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा।