हमीरपुर जिला सील, तीन दिनों में 16 हजार परिवारों की होगी स्क्रीनिंग
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हमीरपुर जिला में दो व्यक्तियों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। प्रशासन ने पूरे जिले को सील कर दिया है। रोजाना सुबह 7 से 10 बजे तक कर्फ्यू में मिलने वाली ढील को भी स्थगित कर दिया है। कंटेनमेंट व बफर जोन में रहने वाले लगभग 16 हजार परिवारों के करीब 70 से 80 हजार लोगों की अगले तीन दिनों में स्क्रीनिंग की जाएगी।
संक्रमित व्यक्तियों में से एक नादौन उपमंडल के जोलसप्पड़ क्षेत्र और दूसरा हमीरपुर नगर परिषद क्षेत्र की सीमा पर वार्ड नंबर सात से संबंधित है। स्क्रीनिंग के लिए 64 टीमें गठित कर ली गई हैं और उनके पर्यवेक्षण के लिए 25 स्वास्थ्य अधिकारी तैनात किए गए हैं। मोबाइल सैंपल कलेक्शन वैन और नमूने एकत्र करने के लिए पूर्व में प्रशिक्षित टीमों की भी सेवाएं ली जा रही हैं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला दंडाधिकारी हरिकेश मीणा की अध्यक्षता में एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें आपात उपायों एवं अन्य प्रबंधों की समीक्षा की गई। कोरोना के दो मामले सामने आने के उपरांत यह क्षेत्र संभावित हॉटस्पॉट बन गया है। कोविड-19 महामारी के संभावित फैलाव को रोकने के उद्देश्य से जिला के समस्त क्षेत्रों को संगरोध (क्वारंटीन) एवं पृथक (आईसोलेट) करने की आवश्यकता है।
इसके दृष्टिगत सभी उपमंडलाधिकारियों (नागरिक) एवं पुलिस विभाग को इस पर तत्काल प्रभाव व सख्ती से अमल के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पूरे जिला में आगामी आदेशों तक आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी गतिविधियां बंद रहेंगी। लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति घर-द्वार पर ही की जाएगी।
आपात सेवाओं के लिए यहां करें फोन
1077, 01972-221277
221377, 221477, 221877
स्वास्थ्य विभाग का टॉल फ्री नंबर 104
पुलिस हेल्पलाइन नंबर 01972-224339
पॉजिटिव मरीजों के परिवारों के सैंपल जांच को भेजे
कोरोना संक्रमित लोगों के परिवार के सदस्यों की स्क्रीनिंग के बाद सैंपल लेकर जांच के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज भेज दिए गए हैं। उपायुक्त हरिकेश मीणा ने कहा कि संक्रमण के फैलाव से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर निगरानी (सर्विलांस) टीमें जांच कर रही हैं।
इसमें पुलिस व स्थानीय प्रशासन के सभी अधिकारी निरंतर कार्य कर रहे हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि स्क्रीनिंग के परिणामों के अनुरूप प्राइमरी आईसोलेशन सुविधा स्थलों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। कंटेनमेंट जोन में आपात सेवाओं को छोड़कर कर्फ्यू में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।