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आखिरकार चार वर्ष बाद गुड़िया को मिला इंसाफ

Fri, 18 Jun 2021 10:15 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 10:15 PM IST
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Gudiya finally got justice after four years, Gudiya case had brought earthquake in the politics of the state, Police officers probing the case had to go behind bars, rampur bushar news
रोहड़ू। हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में चार वर्ष बाद आखिरकार गुड़िया को इंसाफ मिल गया। प्रदेश की राजनीति में भूचाल लाने वाले मामले में शुक्त्रस्वार को न्यायालय ने आरोपी नीलू चिरानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रदेश का यह पहला ऐसा मामला है। जिसमें मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों को सलाखों के पीछे जाना पड़ा।
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गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड मामला 6 जुलाई 2017 को तब सामने आया। जब गुड़िया की शव तांदी के जंगल में मिला। मामले की जांच चल ही रही थी। इसी बीच 12 जुलाई को मुख्यमंत्री की फेसबुक आईडी से मामले में छह स्थानीय युवाओं की फोटो वायरल हुई। जिन्हें दुष्कर्म व हत्याकांड का आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया। मामले को लेकर हिरासत में लिए गए नेपाली सूरज की पुलिस थाना कोटखाई में हुई मौत ने गुड़िया मामले को एक नया मोड़ दिया। जिसके बाद मामले ने पुरी तरह से राजनीतिक रंग ले लिया। सड़क से विधानसभा तक धरना प्रदर्शन होने लगे। विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता में वापसी की तैयारियों से जुटी तत्कालीन कांग्रेस सरकार की गुड़िया मामले ने नींव हिलाकर रख दी। जैसे ही मामला सीबीआई के हाथों में गया। सूरज हत्याकांड मामले में आईजी सहित नौ पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी हुई। सरकार से लेकर पुलिस प्रशासन तक बैकफुट पर हो गए। मामले ने पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले लिया। स्थानीय लोगों ने भी प्रदर्शन किए। इसी बीच एक उग्र प्रदर्शन में भीड़ ने कोटखाई थाना में आग लगा दी। पुलिस की दो गाड़ियां सड़क पर फूंक दी। लंबे समय तक गुड़िया दुष्कर्म व हत्याकांड मामला चर्चा में रहा। मामले में पैसे के लेनेदेन से लेकर कई तरह के अफवाहें उड़ती रही। शुरूआती जांच में पुलिस द्वारा आरोपी बनाए सभी युवाओं को क्लीनचिट दी गई। सीबीआई द्वारा मामले में नीलू चिरानी को पकड़ा गया। उसके खिलाफ सीबीआई ने पुख्ता सुबूत जुटाए। चार वर्ष बाद न्यायालय से गुड़िया को इंसाफ मिला है। हालांकि गुड़िया के परिजन अभी भी न्यायालय के फैसले से नाखुश हैं।
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