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गुड़िया मामले में फैसले के बाद सोशल मीडिया में लोगों ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

Fri, 18 Jun 2021 06:51 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 18 Jun 2021 06:51 PM IST
सार

गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास 
की सजा के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने कड़ी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

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Gudiya case verdict: After the court's decision people gave strong reactions on social media
गुड़िया मामले में दोषी नीलू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में शुक्रवार को कोर्ट का फैसला आते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स ने कड़ी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने कमेंट कर कहा कि ऐसे दानवों को इंसानों के बीच रहने का कोई अधिकार नहीं है। इस तरह का अमानवीय कृत्य करने वाले को फांसी दी जानी चाहिए। कुछ ने पोस्ट किया कि समाज में रहने वाले इन जानवरों को उम्रभर खिलाने से अच्छा है कि इन्हें फांसी के तख्ते पर लटका दो। 

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 एक यूजर ने पोस्ट किया कि उम्रकैद का फैसला गुड़िया के लिए न्याय लेकर आया है। एक अन्य यूजर प्रदीप ने फेसबुक पर प्रतिक्रिया दी है कि दोषी को फांसी की सजा क्यों नहीं दी गई। संदीप ने लिखा कि बेकसूर को सजा हो गई, यह दुर्भाग्य है। गौरव  का कहना है कि यह न्याय नहीं हैं। जयलाल ने लिखा कि असली अपराधी को बचाने के चक्कर में एक गरीब चिरानी को फंसाया गया। अमन ने पोस्ट किया कि असली गुनहगार घर में बैठे हैं और आज जश्न मना रहे होंगे। आशू ने पोस्ट किया कि झूठ की जीत हुई और सच को हरा दिया गया। सब मिले हुए हैं, लेकिन भगवान की नजरों से कोई नहीं बच सकता। राहुल ने पोस्ट किया कि बेगुनाह इंसान को पकड़ लिया और दरिंदे छूट गए, वाह रे मेरे देश के कानून।

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चिरानी को आजीवन कारावास सीबीआई की गलत तफ्तीश का नतीजा :  विक्रमादित्य 

गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड में विशेष अदालत का फैसला आने पर कांग्रेस के शिमला ग्रामीण से विधायक विक्रमादित्य सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट से किए पोस्ट में कहा कि नीलू चिरानी को आजीवन कारावास सीबीआई की गलत तफ्तीश का नतीजा है। असली आरोपी बिना कानून के डर के आज भी खुले घूम रहे हैं। उन्होंने लिखा-गरीब पर मार, असली गुनहगार हैं फरार। सीबीआई से अच्छी तफ्तीश तो कोटखाई पुलिस कर लेती।

वीरभद्र सिंह सरकार ने गुड़िया को न्याय दिलवाने के लिए सीबीआई को जांच सौंपी, पर सीबीआई गलत तफ्तीश करते हुए गरीब चिरानी को फंसा गई। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे फैसले का सम्मान और स्वागत करते हैं, पर देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी की तफ्तीश से परिजन संतुष्ट नहीं है। इस मामले में जो लोग जांच के घेरे में आने चाहिए थे, नहीं आए। 

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