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GST की मार, अब संपत्ति, गाड़ी और जीवन बीमा भी हुआ महंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:14 PM IST
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जीएसटी लागू होने के बाद से बैंकिंग सेवाओं, बीमा प्रीमियम के भुगतानों, क्रेडिट कार्ड के बिलों के साथ संपत्ति बीमा और वाहनों के बीमा प्रीमियम की सेवा दरों में बढ़ोतरी हुई है। एक जुलाई से ये सभी सेवाएं जीएसटी की 18 प्रतिशत दर के दायरे में आ गई हैं।
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जिन पर पहले 15 प्रतिशत की दर से कर लगता था। जिला के बैंकों और बीमा कंपनियों ने जीएसटी की नई दरों से सेवा शुल्क लेना शुरू कर दिया है। एक जुलाई से उपभोक्ताओं से हर तरह के बैंक सेवाओं पर 18 प्रतिशत सेवा शुल्क लिया जा रहा हैं।
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इंश्योरेंस कंपनियों से अब बीमा प्लान लेना मंहगा हो गया है। निजी वह सहकारी कंपनियां 15 से 18 फीसदी कर होने के बाद प्रीमियम को आगे बढ़ाएगी। इससे सबसे ज्यादा असर प्योर टर्म प्लान पर पड़ा है। यूलिप प्लान के लिए इसका प्रभाव कम पड़ा है। इसी के साथ वाहनों का जीवन सुरक्षा बीमा के कर में भी बढ़ोतरी हुई है।
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