फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   growers will have to weigh the crop at home before selling apples in mandis

Himachal News: किलो के हिसाब से सेब खरीद का रास्ता साफ, मंडियों में 24 किलो की पेटी भरकर लानी होगी

Fri, 07 Apr 2023 09:08 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 07 Apr 2023 09:08 PM IST
सार

प्रदेश की मंडियों में इस सीजन से किलो के हिसाब से सेब खरीद का रास्ता साफ हो गया। इसके लिए बागवानों को मंडियों में अधिकतम 24 किलो सेब पेटी में भरकर लाना होगा। बागवानों की मांग पर प्रदेश सरकार ने यह व्यवस्था कर दी है।

विज्ञापन
growers will have to weigh the crop at home before selling apples in mandis
हिमाचल सेब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की मंडियों में इस सीजन से किलो के हिसाब से सेब खरीद का रास्ता साफ हो गया। इसके लिए बागवानों को मंडियों में अधिकतम 24 किलो सेब पेटी में भरकर लाना होगा। बागवानों की मांग पर प्रदेश सरकार ने यह व्यवस्था कर दी है। हालांकि मंडियों में सेब ग्रेड के हिसाब से नहीं, बल्कि औसत दाम पर बिकेगा। इस संबंध में कृषि सचिव ने शुक्रवार को अधिसूचना भी जारी कर दी। अधिसूचना के अनुसार सेब और अन्य फल बेचने से पहले बागवानों को अपने घरों में तैयार फसल का वजन करना होगा।

विज्ञापन


सेब का वजन लिखना जरूरी
बागवान को पेटी पर न मिटने वाले मार्कर के साथ पेटी पर सेब का वजन लिखना जरूरी होगा। बागवान पेटी में अधिकतम 24 किलो सेब ही भर सकेंगे। इसके बाद भी अगर मंडी में सेब के वजन को लेकर कोई विवाद उठा तो मौके पर मौजूद उप समिति विवाद को सुलझाएगी। बागवान यूनिवर्सल, टेलीस्कोपिक कार्टन के अलावा प्लास्टिक क्रेट में भी सेब पैक कर मंडियों में बेच सकेंगे। किलो के हिसाब से बेचने के बाद मंडियों में ग्रेड के हिसाब से नहीं, बल्कि हर श्रेणी के सेब को औसत दाम पर खरीदा जाएगा।
विज्ञापन


नीलामी यार्ड में तराजू भी लगाने होंगे
प्रदेश की फल मंडियों में आढ़तियों को नीलामी यार्ड में फसलों का वजन करने के लिए कांटे (तराजू) भी लगाने होंगे। मंडियों के हर मार्केट यार्ड में सेब और अन्य फलों की बिक्री से पहले उनको तौलना होगा। मंडियों में बागवान चाहे तौल कर फसल बेचने पहुंच रहा है, लेकिन लदानी या आढ़ती जब फसल खरीदेगा तो उन्हें पहले फसल का वजन करना होगा। मंडियों में आढ़तियों और लदानियों का पंजीकरण होगा, उन्हें सेब और अन्य फल किलो के हिसाब से ही खरीदने होंगे। मार्केट कमेटी मंडियों में सही संख्या में तराजू उपलब्ध कराएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


विवाद पर मौके पर होगा समाधान
राज्य के मार्केटिंग बोर्ड के प्रबंधक निदेशक नरेश ठाकुर ने कहा कि अगर वजन को लेकर विवाद होता है तो बागवानी, लदानी, आढ़तियों और एपीएमसी के प्रतिनिधियों की उप समिति सेब और अन्य फसलों के विवाद को मौके पर सुलझाएगी। अभी तक फल मंडियों में सेब बिना वजन के पेटियों के हिसाब से बिकता रहा है, लेकिन अब वजन के हिसाब से बिकेगा। वर्तमान में प्रदेश की बड़ी फल मंडियों में सेब और अन्य फल बेचने के लिए कांटे नहीं लगे हैं।

एक और गारंटी की तरफ बढ़ा कदम : बुशैहरी
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रवक्ता देवेंद्र बुशैहरी ने कहा कि सेब उत्पादकों के हक में मुख्यमंत्री सुुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ऐतिहासिक फैसला लेकर चुनाव के दौरान पार्टी की ओर से दी गई एक और गारंटी की तरफ कदम बढ़ा दिया है। अब बागवानों से सेब किलो के हिसाब से खरीदा जाएगा। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा बागवानों के हितों की रक्षा की है। सेब सीजन आरंभ होने से पूर्व यह निर्णय कांग्रेस सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।

वजन के हिसाब से सेब ढुलाई की दरें भी सरकार तुरंत तय करे : सिंघा
 माकपा के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि मंडियों में सेब किलो के हिसाब से खरीदने के साथ वजन के हिसाब से सेब ढुलाई की दरें भी सरकार तुरंत तय करे। अभी तक सेब का भाड़ा प्रति पेटी और दूरी के हिसाब से वसूला जाता है। अभी तक छोटे बागवानों से वाहन मालिक प्रति पेटी के हिसाब से किराया वसूलते रहे हैं। सरकार ने सेब सीजन आरंभ होने से पहले बागवानों के हित में तीनों कानून लागू नहीं किए तो लाखों बागवान फिर सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।


आढ़तियों की लूटखसोट से मिलेगा छुटकारा
किलो के हिसाब से सेब खरीद से बागवानों को मंडियों में आढ़तियों की लूटखसोट से छुटकारा मिल जाएगा। बागवान लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। अभी तक पेटी के हिसाब से खरीद और ग्रेड के हिसाब से दाम तय होते थे, लेकिन इस सेब सीजन से किलो के हिसाब से खरीद होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed