पीटीए शिक्षकों को बड़ा झटका, नहीं मिलेगा वेतन
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पीटीए पर तैनात शिक्षकों को उच्च शिक्षा निदेशालय ने बड़ा झटका दिया है। सरकारी स्कूलों में पीटीए पर तैनात जिन शिक्षकों ने अभी तक बीएड नहीं की है, उनका मानदेय 17 अगस्त से बंद हो जाएगा। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने वाले शिक्षकों पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने 16 अगस्त तक सभी शिक्षकों को अपनी डिग्री-डिप्लोमा की जानकारी देने की मोहलत दी है।
साल 2014 में गठित हाई पावर कमेटी ने 2010 से पूर्व नियुक्त किए गए पीटीए शिक्षकों को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के लिए अगस्त 2016 तक का मौका दिया था। उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने बताया कि सभी स्कूल प्रिंसिपलों को पीटीए शिक्षकों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता जांचने के आदेश जारी कर दिए हैं। अयोग्य शिक्षकों को 17 अगस्त से मानदेय नहीं दिया जाएगा।
दिया था दो साल का मौका
राज्य सरकार ने पीटीए के तहत रखे गए लेक्चरर के लिए शैक्षणिक योग्यता एमए और बीएड रखी है। इसके अलावा सीएंडवी शिक्षकों का शास्त्री में डिप्लोमा अनिवार्य है। साल 2014 में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में फैसला लेकर पीटीए शिक्षकों को प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन पूरी करने के लिए दो साल का मौका दिया गया था।
अगस्त 2016 में मोहलत पूरी हो गई है। ऐसे में उच्च शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने वाले शिक्षकों का मानदेय रोकने का फैसला लिया है। प्रदेश में 1369 शिक्षक पीटीए पर तैनात हैं। उधर, पीटीए शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक मेहता ने कहा है कि शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले कई पीटीए शिक्षकों को अभी भी मानदेय नहीं मिल रहा है। सरकार को इस बाबत भी फैसला लेना चाहिए।