खंडहर नहीं, ये हैं पीडब्ल्यूडी के सरकारी कवार्टर
यूएस क्लब के समीप बने सरकारी क्वार्टरों की हालत खस्ता हो गई है। भवनों में पानी का रिसाव यहां रहने वाले परिवारों के लिए आफत बन चुकी है। सबसे ज्यादा समस्या ब्लॉक नंबर-29 के ग्राउंड फ्लोर में रहने वाले लोगों को आ रही हैं। सेट नंबर एक में रहने वाले बृज लाल और प्रताप सिंह के कमरों की हालत दयनीय हो गई है।
लोक निर्माण विभाग का तर्क है कि भवनों के पीछे छोड़ी गई गलियों को कमरों में तबदील करने से यह समस्या हुई है। मौजूदा समय में हालात यह बन गए हैं कि घरों के कुछ सदस्यों को बालकनी में रात गुजारने पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग के अफसरों को कई बार समस्या के बारे में बताया गया लेकिन किसी ने कोई सुध नहीं ली। हर बार उनकी ओर से कोई न कोई अड़ंगा लगा दिया जाता।
लोगों का आरोप, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
इतना ही नहीं महकमे की ओर से मौके पर लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों तक को नहीं भेजा गया। पीड़ितों ने बताया कि हर महीने वह सरकारी आवास का किराया देते है। ऐसे में विभाग के कर्मचारियों का दायित्व है कि सुधार के लिए कुछ किया जाए। यहां रह रहे कर्मचारियों ने बताया कि घर के दूसरी तरफ नालियां बनी हैं लेकिन पानी की निकासी सही तरीके से नहीं हो पा रही है। पीड़ितों ने बताया कि आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने से स्थिति और भी खराब हो जाएगी।
उन्होंने विभाग से मांग की है कि अधिकारी मौके पर आकर जगह का निरीक्षण करें, ताकि उन्हें इस समस्या से निजात मिल सके। अधिशासी अभियंता, डिवीजन- 3 संजय गुप्ता ने बताया कि कर्मचारी आवासों की मरम्मत का कार्य रुटीन से किया जा रहा है। भवनों के पीछे छोड़ी गई गलियों को कमरों में तबदील कर दिया गया है, यही समस्या का मुख्य कारण है।