Shimla: एपीएमसी एक्ट लागू करे सरकार, किलो के हिसाब से बिके सेब, बैठक में बागवान संगठनों ने उठाई मांग
पैकिंग सामग्री के दामों में साल दर साल हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी और सरकार की ओर से इस पर कोई नियंत्रण न होने पर बागवान संगठनों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। तर्क दिया गया कि अंडे की ट्रे और सेब पैकिंग की ट्रे एक ही कंपनी बनाती है।
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प्रदेश सरकार अगर बागवानों को राहत देने के लिए सही में गंभीर है तो एपीएमसी एक्ट को कड़ाई से लागू कर मंडियों में सेब किलो के आधार पर बेचने की व्यवस्था लागू करे। ऐसा होने पर न केवल यूनिवर्सल और टेलीस्कोपिक कार्टन की लड़ाई खत्म हो जाएगी, बल्कि बागवानों को उपज का सही दाम भी मिलेगा। उद्यान निदेशालय में बागवानी सचिव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित बैठक के दौरान बागवान संगठनों ने प्रमुखता से यह मुद्दा उठाया। पैकिंग सामग्री के दामों में साल दर साल हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी और सरकार की ओर से इस पर कोई नियंत्रण न होने पर बागवान संगठनों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। तर्क दिया गया कि अंडे की ट्रे और सेब पैकिंग की ट्रे एक ही कंपनी बनाती है। लेकिन, सालों से अंडे की ट्रे के दाम नहीं बढ़े जबकि सेब की ट्रे के दाम दोगुने से अधिक हो गए हैं।
दामों को नियंत्रित करने के लिए कमेटी गठित करने की मांग उठाई गई। एचपीएमसी की ओर से बागवानों को उपलब्ध करवाए जाने वाले कीटनाशकों और सहायक वस्तुओं के दाम महंगे होने को लेकर भी बागवानों ने नाराजगी जताई। एमआईएस के तहत खरीदे जाने वाले सेब के दाम उत्पादन के खर्च का आंकलन कर तय करने की मांग उठाई गई। यूनिवर्सल कार्टन को प्रयोग के तौर पर जिला किन्नौर में लागू करने का सुझाव दिया गया। सीए स्टोर स्थापित करने के लिए सामुदायिक तौर पर अनुदान देने की मांग की गई। बागवानी विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निदेशक बागवानी संदीप कदम, कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक नरेश ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बागवान संगठनों ने दिए सुझाव
प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह विष्ट ने बैठक में उच्च घनत्व पौधरोपण के लिए कश्मीर की तर्ज पर बागवानों को आसान शर्तों पर प्रति एकड़ 65 लाख ऋण उपलब्ध करवाने की मांग उठाई। प्लम ग्रोवर्स एसोसिएशन के संस्थापक दीपक सिंघा ने अच्छे दामों के लिए मंडियों में सेब की आपूर्ति को नियंत्रित करने का सुझाव दिया।
बागवानी मंत्री के साथ होगी चुनिंदा बागवान प्रतिनिधियों की बैठक
पहले स्तर पर अधिकारियों और बागवान प्रतिनिधियों की बैठक के बाद अब दूसरे चरण में चुनिंदा बागवान प्रतिनिधियों की बागवानी मंत्री के साथ बैठक होगी। समस्याओं को समाधान के लिए इन्हें मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
सुक्खू सरकार का इम्तिहान : सिंघा
पूर्व विधायक और माकपा नेता राकेश सिंघा ने कहा कि यह सुक्खू सरकार का इम्तिहान है। अगर सरकार एपीएमसी एक्ट के तहत मंडियों में किलो के आधार पर सेब बेचने की व्यवस्था लागू कर देती है तो सरकार पास मानी जाएगी। जहां तक गारंटियों की बात है, जब गारंटी दी है तो पूरी भी करनी चाहिए।