सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल, हेडमास्टर भी अब लेंगे क्लास
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प्रदेश के सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों में अब प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों को भी बच्चों को रोजाना पढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य सरकार ने रोजाना कम से कम एक पीरियड लेने के निर्देश जारी किए हैं। प्रिंसिपल को एक हफ्ते में 6 और हेडमास्टर को 8 पीरियड लेना जरूरी कर दिया गया है।
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया है कि जमा एक और जमा दो कक्षा के पीरियड 35 या 40 मिनट से ज्यादा समय अवधि के नहीं होंगे। प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों को एक दिन में एक ही पीरियड लेना होगा। अगर एक दिन में दो पीरियड लेना चाहते हैं तो उसमें 40 मिनट का गैप होना चाहिए। पीरियड लेने में कोताही बरतने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला उपनिदेशक को सौंपा निगरानी का जिम्मा
जिला उपनिदेशक को निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने शनिवार को इस संदर्भ में आदेश जारी किए हैं। प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों को अपने-अपने विषय पढ़ाने को कहा गया है।
बीएल विंटा, संयुक्त निदेशक, उच्चतर शिक्षा ने बताया कि एचपी सेकेंडरी एजूकेशन कोड 2012 के क्लॉज नंबर 2.8.2(ए) की शक्तियों के तहत यह फैसला लिया गया है। सरकार से मंजूरी के बाद सभी जिला उपनिदेशकों को नई व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। नई व्यवस्था पूरे प्रदेश में आज से लागू कर दिया गया है।