अच्छी खबर! सरकार ने बहाल किए निजी बस रूट
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लंबे इंतजार के बाद प्रदेश सरकार ने हिमाचल में निजी बस रूटों से रोक हटा दी है। परिवहन विभाग ने 97 नए रूटों की लिस्ट जारी की है। 11 अक्तूबर तक आवेदन मांगे हैं। रूट आवंटन में बेरोजगार युवाओं, पूर्व सैनिकों और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। 60 फीसदी रूट गांवों जबकि 40 फीसदी राज्यमार्ग के दिए जाएंगे। बड़ी बात ये है कि रूट आवंटन में इस बार न सिफारिश चलेगी और न विभाग की मनमानी। लक्की ड्रॉ से रूटों का आवंटन किया जाएगा। परिवहन विभाग के निदेशक प्रियतू मंडल ने इसकी पुष्टि की है।
विभाग ने पहले चरण में आठ जिलों के लिए आवेदन मांगे हैं। सर्वाधिक 20 रूट हमीरपुर जिले के हैं। ऊना जिले के 15, सोलन के 13, बिलासपुर के 16, मंडी के 14, शिमला के 11 और कांगड़ा जिले के 8 रूटों के लिए आवेदन मांगे हैं। परिवहन विभाग की शर्तों के मुताबिक नए रूटों के लिए बसों में बैठने की क्षमता 29 प्लस 2 या 30 प्लस 2 होनी चाहिए। बस को रूट पर प्रतिदिन कम से कम 100 किलोमीटर चलाना पड़ेगा।
कमेटी ने तय किए नए रूट
नए रूटों को कमेटी ने तय किया है। जिलों के एडीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें जनता के प्रतिनिधि, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, परिवहन निगम और विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
पहले रूट लेने के लिए सीधे परिवहन विभाग के पास आवेदन किया जाता था। विभाग से रूट मिल जाते थे। रूटों के आवंटन में सिफारिश और विभाग की मनमानी के आरोप लगे थे, जिसके बाद नए रूटों के आवंटन पर रोक लगा दी गई थी।