फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Governor Rajendra Vishwanath Arlekar statement in Indian Institute of Advanced Study programme

राज्यपाल बोले- हजारों साल पुरानी श्रेष्ठ विचारधारा को विश्व के सामने लाने की जरूरत

Fri, 26 Nov 2021 09:01 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 26 Nov 2021 09:01 PM IST
सार

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के तुरंत बाद दुभार्ग्यवश हम पश्चिमी देशों की तरफ देखने लगे, अत: आज आवश्यकता है कि हजारों वर्ष पुरानी हमारी श्रेष्ठ विचारधारा को विश्व के सामने लाया जाए।

विज्ञापन
Governor Rajendra Vishwanath Arlekar statement in Indian Institute of Advanced Study programme
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) में शुक्रवार को राजभवन शिमला के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में संविधान का मूल भाव’ विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर मंथन करना चाहिए कि हमने देश के संविधान को भाव रूप लिया है या नहीं।

विज्ञापन


इसलिए शब्दों के साथ-साथ संविधान की मूल भावना को समझना भी अनिवार्य है। हमें विरासत में जो उच्च मूल्य, आदर्श मिले हैं, उन्हें पहचानने और ग्रहण करने की आवश्यकता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के तुरंत बाद दुभार्ग्यवश हम पश्चिमी देशों की तरफ देखने लगे, अत: आज आवश्यकता है कि हजारों वर्ष पुरानी हमारी श्रेष्ठ विचारधारा को विश्व के सामने लाया जाए। इस अवसर पर उन्होंने अटलजी की कविता परिचय की  पंक्तियों को दोहराते हुए देश की श्रेष्ठ परंपरा को प्रकाशमान किया।
विज्ञापन


संस्थान के अध्यक्ष प्रो. कपिल कपूर ने कहा कि हमारा लोकतंत्र आत्म शासन पर निर्भर रहा है और समाज कर्तव्यपरक है, जो हमारी सभ्यता और संस्कृति की पहचान है। यह हमारे देश की विशेषता है कि जो त्याग, परिश्रम और तपस्या करता है, वही शासक माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


संस्थान के उपाध्यक्ष एवं कार्यवाहक निदेशक प्रो. चमन लाल गुप्त ने राज्यपाल का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके प्रोत्साहन और मार्गदर्शन में राजभवन और संस्थान मिलकर इस विचार गोष्ठी का आयोजन कर रहे हैं। भारत के संविधान निर्माताओं ने विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान हमें दिया है और उसकी मूल आत्मा इसकी प्रस्तावना में ही निहित है। संस्थान के सचिव प्रेम चंद ने सभी मेहमानों का स्वागत किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed