राज्यपाल ने किया पोर्टमोर स्कूल का निरीक्षण, गुरु बनकर छात्राओं को पढ़ाया इतिहास का पाठ
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय सोमवार को अचानक शहर के कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पोर्टमोर पहुंचे और छात्राओं को पढ़ाने लगे। छात्राओं के लिए यह एक अलग अनुभव था। राज्यपाल ने इतिहास की कक्षा में पहुंचकर छात्राओं से कुछ सवाल भी पूछे।
इस औचक निरीक्षण में राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी उनके साथ थे। प्रधानाचार्य के अवकाश पर होने पर राज्यपाल ने स्कूल में दी जा रहीं तमाम सुविधाओं का जायजा लिया।
राज्यपाल के औचक निरीक्षण की जानकारी स्कूल प्रशासन के साथ ही उनके काफिले में शामिल अधिकारियों तक को नहीं थीं। जमा दो कक्षा में पहुंचे राज्यपाल ने इतिहास से संबंधित सवाल भी किए।
इसके साथ स्कूल के सांस्कृतिक और खेल सहित अन्य गतिविधियों के बारे में भी पूछा। छात्राओं ने बेबाकी से राज्यपाल द्वारा पूछे सवालों के जवाब दिए। छात्रा प्रियंका ने खुशबू के पल कहां ढूंढूं गीत भी राज्यपाल को सुनाया। राज्यपाल इसके बाद विज्ञान की कक्षा में पहुंचे।
उन्होंने छात्राओं से जीवन में परिश्रम करने और देश भक्ति का जज्बा पैदा कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम जैसे महान लोगों की जीवनी को पढ़ें।
कहा कि हम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150वीं जयंती को स्वच्छता की सेवा के रूप में मना रहे हैं। स्वच्छता के बाद प्रधानमंत्री ने देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने का आह्वान किया है। स्वच्छता को उन्होंने तन-मन और बुद्धि की स्वच्छता से जोड़ने की बात कही।
इसके लिए नियमित तौर योग करने की शिक्षा दी। छात्रा हर्षिता ने राज्यपाल से उनके स्कूली जीवन के बारे में पूछा। इसके अलावा छात्रा दिशा, शिवानी और दिव्या आदि ने टूटू, मल्याणा, संजौली, शोघी और ठियोग से स्कूल पहुंचने में होने वाली दिक्कतों को उठाया।
कहा कि इन रूटों पर सरकारी बसों की बहुत कमी है। कुछ छात्राओं ने शौचालयों के रखरखाव संबंधित समस्या को भी उठाया। राज्यपाल ने भरोसा दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास होगा।
अच्छा परिणाम आया तो मिलेंगे एक लाख
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने स्कूल दौरे के दौरान पुस्तकालय में दी जा रही सुविधाओं का जायजा भी लिया। इसके अलावा छात्रावास को हवादार बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्कूल की गतिविधियों के लिए पांच लाख देने की घोषणा। छात्राओं से कहा कि निजी स्कूलों से अच्छे परिणाम दें। अच्छा प्रदर्शन करने वाले को एक लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
कहा कि यहां आने का उनका उद्देश्य केवल बच्चों से बातचीत करना और उनके विचारों को जानना है। वह स्कूल बच्चों से बातचीत का यह सिलसिला भविष्य में भी जारी रहेगा। इस दौरान स्कूल की छात्राओं वैदिका, रजनी और आयशा ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं।