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अचानक डीडीयू अस्पताल पहुंचे राज्यपाल, प्रशासन की पीठ थपथपाई
Wed, 16 Oct 2019 04:14 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 16 Oct 2019 04:14 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रिपन में बुधवार को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय अचानक निरीक्षण पर पहुंच गए। वह सुबह 10 बजे अस्पताल आए। अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने सभी वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत भी की तथा सुविधाओं को लेकर सवाल किए। अस्पताल की सफाई व्यवस्था देखकर राज्यपाल काफी खुश नजर आए।
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राज्यपाल ने बताया कि दिल्ली और अन्य सरकारी अस्पतालों में भी इस तरह की व्यवस्था नहीं देखी। राज्यपाल अस्थि बाल और स्त्री रोग ओपीडी भी गए तथा मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की। ओपीडी में अधिकतर मरीजों ने राज्यपाल से मरीजों की सुविधा के लिए बेंच उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।
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अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र मोक्टा ने राज्यपाल को बताया कि प्रतिदिन ऑर्थो ओपीडी में लगभग 300 मरीज देखे जा रहे हैं। इसी तरह बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. चम्पा पंवर ने बताया कि हर रोज लगभग 130 से 150 मरीजों की चिकित्सा जांच की जा रही है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता ने बताया कि लगभग 100 महिलाएं प्रतिदिन अस्पताल में जांच के लिए आती हैं।
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बंडारू दत्तात्रेय ने मानसिक चिकित्सा एवं किशोरावस्था परामर्श केंद्र लैब सेवाएं और ऑपरेशन थियेटर में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों के बारे में भी जाना। इस अवसर पर आउटसोर्स आधार पर कार्यरत सफ ाई कर्मचारियों, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने अपनी समस्याओं से राज्यपाल को अवगत करवाया। राज्यपाल ने अस्पताल में हृदय रोग इकाई और अलग स्वास्थ्य जागरूकता केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने रक्तदान वैन और एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। यहां पर फि जियोथैरेपिस्ट का पद सृजित किया जाना चाहिए। अस्पताल के पुराने भवन का निरीक्षण भी किया। अस्पताल प्रबंधन के आग्रह पर उन्होंने कहा कि इस स्थान पर नया भवन बनाने पर विचार किया जाएगा। दोपहर बाद राज्यपाल ने कमेटी रूम में जाकर अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक की। बैठक में राज्यपाल ने अस्पताल की समस्या के बारे में पूछा।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि डॉक्टर समेत स्टाफ की भारी कमी है। सरकार से स्वीकृत चार डॉक्टरों के पद काफी समय से रिक्त हैं। इस कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बताया कि इस बारे में स्वास्थ्य निदेशालय को अवगत करवाया है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बताया कि वह इस समस्या को सरकार से अवगत करवाएंगे। इस अवसर पर डीडीयू के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा समेत पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र चौहान और वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकिंद्र शर्मा ने राज्यपाल को अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।