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मंदिरों को सरकारी नियंत्रण मुक्त करे सरकार : मिलिंद

Thu, 30 Apr 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:59 PM IST
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Government should free temples from government control: Milind
धर्मांतरण और गो तस्करी कानून हों सख्त
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धर्म रक्षा निधि विशेषांक का विमोचन भी किया
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। भारत के अल्पसंख्यक समाज को अपने पूजा स्थानों और संस्थाओं को अपने नियंत्रण में चलाने की छूट है। सरकार गुरुद्वारे, मस्जिद, चर्च, बौद्ध विहार और जैन मंदिरों का संचालन नहीं करती है लेकिन दुर्भाग्य से हिमाचल सरकार ने हिंदू समाज के सबसे बड़े धर्मस्थलों को अपने अधिकार में रखा हुआ है।

यह बात वीरवार को आयोजित प्रेसवार्ता में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी बड़े मंदिरों का संचालन हिंदू समाज सौंपे। हिमाचल प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम 1984 के तहत अधिगृहित मंदिर का कार्य एक कमिश्नर देखता है और सरकार इन मंदिरों के न्यासियों को अपनी सुविधानुसार नामांकित करती है जिससे मंदिर सरकार के हस्तक्षेप को झेलते हैं। इनके धार्मिक नेतृत्व को अपने धर्मस्थलों के बारे में निर्णय लेना का कोई अधिकार नहीं है। देवभूमि हिमाचल में बढ़ती लव जिहाद की घटनाएं हिंदू समाज को तोड़ने और जनसांख्यिकी असंतुलन का षडयंत्र है। लव जिहाद और अवैध धर्मांतरण से देव संस्कृति को तोड़ने का षडयंत्र रचा जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा भी अपेक्षित गंभीरता न दिखाने के कारण अनेक स्थानों पर संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
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मिलिंद परांडे ने कहा कि संजोली, शिमला, मंडी, कुल्लू, चंबा, ऊना, इंदौरा, नूरपुर, नेरवा, नालागढ़, बिलासपुर आदि हिमाचल के विभिन्न स्थानों से इस प्रकार के विषय उठ रहे हैं।
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विश्व हिंदू परिषद की जिला इकाई ने वीरवार को गेयटी थियेटर में हिमालयन ध्वनि और धर्म रक्षा निधि विशेषांक का विमोचन भी किया। इसमें महामंत्री मिलिंद ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मेजर जनरल अतुल कौशिक मौजूद रहे। इसके अलावा कार्यक्रम अध्यक्ष मधु सूद, विशिष्ट अतिथि वीरेंद्र सिपैया, प्रांतमंत्री तुषार डोगरा, क्षेत्र संगठन मंत्री नीरज दोनेरिया और प्रांत संरक्षक (विहिप) हिमाचल शैलेंद्र वर्मा मौजूद रहे।
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