मानव भारती विवि से पास हुए हजारों विद्यार्थियों के लिए नई नीति बनाए हिमाचल सरकार
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गौरतलब है कि एमबीयू से फिजियोथैरेपिस्ट का कोर्स पूरा करने वाले युवाओं ने कुछ दिन पहले राज्यपाल से मुलाकात की थी। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय से नियमित पढ़ाई कर पास होने के बाद उनके साथ हो रही नाइंसाफी को रोकने के लिए नीति बनाने की मांग की थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। राज्यपाल ने उनकी बात सुनने के बाद अब प्रदेश सरकार से इस संबंध में कार्रवाई करने को कहा है। बता दें कि राज्यपाल से मिलने आए कुछ विद्यार्थियों ने एमबीयू की बदनामी की वजह से उनका रोजगार छिनने की भी शिकायत की है।
सीआईडी कर रही एक और एफआईआर की तैयारी
फर्जी डिग्री मामले में फंसे एमबीयू के खिलाफ सीआईडी, पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद अब सीआईडी एक और एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है। सूत्रों का कहना है कि इसमें विश्वविद्यालय को स्थापना की मंजूरी देने के लिए बने प्रस्ताव में की गई गड़बड़ी की जांच की जाएगी। डीजीपी संजय कुंडू ने पहले ही संकेत दिए थे कि जांच में जिसके भी खिलाफ तथ्य सामने आएंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
36 हजार डिग्रियां फर्जी, मात्र पांच हजार सही
एसआईटी की अब तक की जांच में करीब 36 हजार फर्जी डिग्रियां मिली हैं। इसके अलावा करीब पांच हजार डिग्रियों को हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने सही भी बताया है। चूंकि विश्वविद्यालय में दबिश के दौरान जांच अधिकारियों को चौदह हार्ड डिस्क मिली थीं, जिनमें से अभी कई दस्तावेजों की जांच बाकी है।
निजी विवि और कॉलेजों में कक्षाएं शुरू करने की हरी झंडी
निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों और निजी कॉलेजों को नियमित कक्षाएं शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। आयोग ने सभी निजी विवि और कॉलेजों को पत्र जारी कर यूजीसी सहित राज्य सरकार से निर्धारित एसओपी के तहत विद्यार्थियों को संस्थानों में बुलाकर कक्षाएं लगाने के लिए मंजूरी दे दी है। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि राज्य में सरकारी डिग्री कॉलेज खोल दिए गए हैं। अब निजी विवि और कॉलेज भी खोलने की मंजूरी दे दी गई है।
एमएमयू से तीन साल में आईं शिकायतों पर कार्रवाई का ब्योरा तलब
निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय (एमएमयू) से बीते तीन साल के दौरान विद्यार्थियों से वसूली गई फीस और स्टाफ से जुड़ीं शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई का ब्योरा तलब किया है। एक शिकायत की सुनवाई करते हुए आयोग ने कहा कि विवि से संबंधित विभिन्न शिकायतें लगातार उनके पास आ रही हैं। मामले की आगामी सुनवाई 23 फरवरी को होगी।