CM Sukhu: सीएम सुक्खू बोले- नई पर्यटन नीति बनाएगी सरकार, अनछुए पर्यटन स्थल होंगे विकसित
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रकृति ने प्रदेश को अपार सौंदर्य से नवाजा है तथा इस संपदा का दोहन कर अधिक से अधिक पर्यटकों को प्रदेश की ओर आकर्षित करने की आवश्यकता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश सरकार राज्य के अनछुए स्थलों को बढ़ावा देकर पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से नई पर्यटन नीति तैयार करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह बात वीरवार को पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में आगामी पांच वर्षों में पर्यटकों की संख्या को 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ करने के दृष्टिगत कार्य कर रही है।
प्रकृति ने प्रदेश को अपार सौंदर्य से नवाजा है तथा इस संपदा का दोहन कर अधिक से अधिक पर्यटकों को प्रदेश की ओर आकर्षित करने की आवश्यकता है। सुक्खू ने कहा कि मई, 2023 तक हिमाचल में करीब 72 लाख पर्यटकों ने भ्रमण किया है। उन्होंने पर्यटकों की संख्या का सटीक आंकड़ा पता लगाने तथा पर्यटन अधोसंरचना में सुधार करने के लिए पर्यटन विभाग को डॉटा संकलन की प्रणाली तैयार करने के निर्देश दिए।
जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने विभाग को आगामी विचार के लिए अवधारणा पत्र तैयार करने के निर्देश दिए। इन परियोजनाओं में सकोह में रोलर स्केटिंग रिंक, परागपुर में गोल्फ कोर्स, मैंझा में शीर्ष रिजॉर्ट, नरघोटा में पर्यटन गांव और कांगड़ा में प्रस्तावित ऐरो सिटी शामिल है। इसके अतिरिक्त कांगड़ा के नगरोटा-बगवां विधानसभा क्षेत्र में नौरा खड्ड में थीम आधारित सेटेलाइट गांव बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार, मंडी के नागचला में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण और प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर नए हेलीपोर्ट निर्माण पर कार्य कर रही है। पहले चरण में 9 हेलीपोर्ट निर्मित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर सीएम के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, सीएम के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, सीएम के ओएसडी गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, सीएम के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार मौजूद रहे।
सौर परियोजनाओं की स्थापना में सहकारी बैंक प्रमुख : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए सहकारी बैंक को प्रमुख बैंक बनाने का निर्णय लिया है। सरकार 250 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। उत्पादित बिजली हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटेड की ओर से खरीदी जाएगी। बैंक इन योजनाओं में उदारतापूर्वक ऋण प्रदान करेंगे।
इन ऋणों की संप्रभु गारंटी राज्य सरकार की ओर से प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभिन्न बैंकिंग सेवाओं के डिजिटलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक का उपयोग कर ग्राहकों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए बैंकों को डिजिटल तकनीक से लैस किया जा रहा है। सहकारी बैंकों की कार्य पद्धति को विस्तार देने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा अगले छह माह में कई बड़े सुधार लागू किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों का इन बैंकों पर विश्वास बढ़ा है। आजीविका अर्जन के लिए बैंकिंग सुविधाओं का समुचित उपयोग कर रहे हैं। सरकार प्रदेश में सहकारी बैंकों को हरसंभव सहायता प्रदान कर उन्हें सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे उपभोक्ताओं को सर्वोत्तम बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवा सकें। ग्रामीण आबादी की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सहकारी बैंकों को किसानों को उदार ऋण प्रदान करने के लिए अग्रणी कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
हरित उद्योग के विकास पर 4 हजार करोड़ होंगे खर्च : सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और राजस्व सृजन में पर्यटन क्षेत्र प्रमुख भूमिका निभाता है। राज्य सरकार प्रदेश में हरित उद्योग को बढ़ावा दे रही है। इस वर्ष सरकार हरित उद्योग पर 4,000 करोड़ रुपये व्यय करने जा रही है, जो राज्य में पर्यटकों की आमद को बढ़ाने में मील पत्थर साबित होगा। सुक्खू ने यह जानकारी एशियन विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से राज्य में चल रही विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से वर्तमान राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। प्रदेश सरकार की ओर से पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन प्रदान करने और पर्यटकों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए भविष्य में भी प्रभावी उपाय किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पौंग बांध में साहसिक पर्यटन गतिविधियां आरंभ करने के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, विधायक चंद्रशेखर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, सचिव शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप इस दौरान मौजूद रहे।