{"_id":"5728d9a94f1c1bf7245cce70","slug":"good-news-for-shimla-city-water-suppy-will-starts-from-ashwani-khad-very-soon","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिमलावासियों के लिए अच्छी खबर, अब रोज होगी पानी की सप्लाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिमलावासियों के लिए अच्छी खबर, अब रोज होगी पानी की सप्लाई
विश्वास भारद्वाज/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 04 May 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
नालों में पाइपें बिछाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। तीनों नालों से शहर को करीब चार एमएलडी तक पानी की सप्लाई का प्रयास किया जाएगा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पेयजल किल्लत से जूझ रहे शिमला शहर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। कोटी, बरांडी और बीन नालों का पानी इसी माह शिमला पहुंच जाएगा। आईपीएच ने बीन नाले में पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया है। कोटी और बरांडी नाले में पाइपें डालने का काम इन दिनों युद्ध स्तर पर चल रहा है। इन तीनों नालों से रोजाना शहर को करीब चार एमडलडी पानी की सप्लाई होगी।
विज्ञापन
शहर में पीलिया फैलने के बाद अश्वनी खड्ड परियोजना से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई थी। जिसके बाद नगर निगम ने शहर में पानी की राशनिंग शुरू कर दी। बावजूद इसके कई इलाकों में लोगों को चार से पांच दिन बाद पानी मिल रहा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आदेशों के बाद आईपीएच महकमा अश्वनी खड्ड परियोजना के विकल्प के रूप में कोटी, बरांडी और बीन नालों का पानी शहर तक पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है।
विज्ञापन
बीन नाले से पानी 5 इंच की पाइप में अश्वनी खड्ड तक पहुंचेगा जबकि कोटी और बरांडी का पानी परियोजना तक पहुंचाने के लिए 8 इंच मोटी पाइपें बिछाई जा रही हैं। कोटी, बरांडी और बीन नालों का पानी नई पाइप लाइन के जरिये अश्वनी खड्ड परियोजना तक पहुंचेगा। अश्वनी खड्ड में मौजूद पंपिंग हाउस की मदद से इस पानी को क्वालग टैंक से होते हुए कुसुम्पटी टैंक और फिर मैनसफील्ड टैंक तक पहुंचाया जाएगा।
विज्ञापन
इसी महीने पहुंच जाएगा पानी
कोटी, बरांडी और बीन नाले का पानी इसी महीने शिमला पहुंच जाएगा। नालों में पाइपें बिछाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। तीनों नालों से शहर को करीब चार एमएलडी तक पानी की सप्लाई का प्रयास किया जाएगा।- आरएम मुकुल, चीफ इंजीनियर, आईपीएच
ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई पर संशय
आपातकालीन समय में शहर को पानी की सप्लाई के लिए अश्वनी खड्ड में 4 ट्यूबवेल भी लगाए गए हैं, हालांकि ट्यूबवेल के पानी की सप्लाई पर अभी संशय है। ट्यूबवेल से ग्राउंड वाटर सप्लाई करने की योजना है लेकिन अश्वनी खड्ड परियोजना के दूषित पानी से ग्राउंड वाटर की गुणवत्ता पर भी सवालिया निशान लग गया है।
पाइप बिछाने के बाद अब लीकेज रोकना चुनौती
आईपीएच इन दिनों दिन-रात एक कर कोटी और बरांडी नालों में पाइपें बिछाने का काम कर रहा है। पाइपें बिछने के बाद अब आईपीएच के सामने लीकेज रोकना बड़ी चुनौती है। कोटी, बरांडी और बीन नाले से शहर को करीब चार एमएलडी पानी की सप्लाई होनी है, ऐसे में अगर लीकेज के कारण थोड़ा भी पानी बर्बाद होता है तो शहर को आईपीएच के प्रयासों का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।
अश्वनी परियोजना का पानी ब्लॉक
आईपीएच ने अश्वनी खड्ड का दूषित पानी परियोजना के ट्रीटमेंट प्लांट में मिलने से रोकने के लिए पाइप लाइन को ब्लॉक कर दिया है। बाकायदा अश्वनी खड्ड परियोजना की पाइप को बीच से काट कर ब्लॉक किया गया है। आईपीएच ने पाइपें बिछाने के बाद बीन नाले का पानी अश्वनी परियोजना के चैंबर में जोड़ दिया है। हालांकि अभी इस पानी का इस्तेमाल इनटेक को साफ करने के लिए किया जा रहा है। बीन नाले का पानी इस्तेमाल करने से पहले इनटेक की तीन बार वाशिंग की जाएगी।
क्लीयर वाटर टैंक की मरम्मत पूरी
अश्वनी खड्ड परियोजना के माध्यम से कोटी, बरांडी और बीन नालों का पानी शहर तक पहुंचाया जाना है। इसके लिए आईपीएच ने अश्वनी खड्ड में दो एमएलडी क्षमता का क्लीयर वाटर टैंक तैयार किया है। गैस और मैनुअल क्लोरिनेशन के लिए यहां खास व्यवस्था की जा रही है। कोटी, बरांडी और बीन नालों का पानी शिमला तक पहुंचाने के लिए अश्वनी खड्ड परियोजना में पंप हाउस की मेंटेनेंस कर इसे पानी की पंपिंग के लिए तैयार कर लिया गया है। यहां एक समय में चार पंप काम कर सकते हैं।